गरमपानी मिनी बचत केंद्र में महाघोटाला! ग्रामीणों की जमा पूंजी पर डाका, डीएम की सख्ती से आरोपी पर एफआईआर
नैनीताल
गरमपानी क्षेत्र स्थित बहुउद्देशीय प्रारम्भिक कृषि ऋण सहकारी समिति लिमिटेड में हुए वित्तीय घोटाले ने सहकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मेहनत की कमाई को हड़पने के इस मामले में जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल की सख्त और त्वरित कार्रवाई से घोटाले की परतें उधड़ गई हैं।
समिति कर्मचारी एवं मिनी बैंक प्रभारी आनन्द सिंह पनौरा पर ग्रामीण बचत केन्द्र गरमपानी में सदस्यों की जमा धनराशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर करने का गंभीर आरोप है। आरोप है कि लंबे समय से ग्रामीणों की जमा पूंजी वापस नहीं की जा रही थी, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त था।
ग्रामीणों ने आखिरकार जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान 17 दिसम्बर 2025 को महिला सभागार, छड़ा खैरना में जिलाधिकारी के समक्ष खुलकर अपनी पीड़ा रखी। शिकायत को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने बिना देरी किए एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए।
डीएम के निर्देश पर कोतवाली भवाली में एफआईआर संख्या 042/25 दिनांक 18 दिसम्बर 2025 को अभियोग पंजीकृत किया गया। शिकायतकर्ता गोपाल सिंह रौतेला, सचिव, सहकारी समिति गरमपानी द्वारा मामला दर्ज कराया गया है।
इस घोटाले में अन्य शिकायतकर्ता—
हीरा सिंह
देवेन्द्र सिंह
पूरन सिंह
हरदयाल सिंह
शामिल हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने दो टूक कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सहकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार फैलाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल गरमपानी बल्कि पूरे जनपद की सहकारी समितियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में और कितने चेहरे बेनकाब होते हैं।

