चमोली जनपद के विकासखंड पोखरी स्थित जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में घटित भालू हमले की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। विद्यालय परिसर में अचानक दो भालू घुस आए और देखते ही देखते एक भालू छात्र आरव को उठाकर ले गया। भय और अफरा-तफरी के बीच जो हुआ, वह साहस और मानवता की मिसाल बन गया।
मौत के मुंह से जीवन की जीत
भालू द्वारा आरव को उठाकर ले जाने के दौरान विद्यालय की दो छात्राओं—दिव्या और दीपिका—ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने हिम्मत, सूझबूझ और साहस के साथ भालू का सामना किया और आरव को उसकी पकड़ से छुड़ाने में सफलता हासिल की। यह क्षण केवल एक बच्चे की जान बचने का नहीं, बल्कि इंसानी जज़्बे की जीत का था।
सीएम धामी ने घायल आरव से फोन पर की बात
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भालू के हमले में घायल छात्र आरव से फोन पर बातचीत कर उसका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने आरव के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और इलाज व सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
दिव्या और दीपिका को मुख्यमंत्री का सलाम
मुख्यमंत्री धामी ने साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी फोन पर बात कर उनकी बहादुरी को सराहा। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में जिस धैर्य, साहस और जिम्मेदारी का परिचय इन छात्राओं ने दिया है, वह पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बेटियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि संकट की घड़ी में साहस सबसे बड़ा हथियार होता है।
वन विभाग और प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और वन विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आबादी वाले इलाकों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हर आवश्यक और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
सरकार पीड़ित परिवार के साथ
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायल छात्र को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाए। साथ ही स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बनाए रखने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

