अंकिता भंडारी हत्याकांड: कथित वीआईपी नाम उजागर होने से सियासी भूचाल, यशपाल आर्या ने बोला तीखा हमला – मामले को भटकाने की कोशिश
देहरादून/लालकुआँ।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला द्वारा सोशल मीडिया पर कथित वीआईपी का नाम उजागर किए जाने के बाद यह मामला फिर से प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस ने इसे गंभीर मामला बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है और पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच के साथ संबंधित भाजपा नेता की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है।
अग्निपथ योजना के विरोध कार्यक्रम के दौरान लालकुआँ पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा गंभीर खतरे में है, लेकिन सत्ता पक्ष इस पर चुप्पी साधे हुए है।
यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा के पदाधिकारी और नेता जनहित के कार्यों की बजाय संदिग्ध और गलत गतिविधियों में लिप्त पाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को उजागर करने में जहां राज्य की पुलिस नाकाम रही, वहीं मामले को भटकाने के लिए कमरे के नाम को ही वीआईपी बताया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा से जुड़े लोग ही ऐसे खुलासे कर रहे हैं, तो सरकार और जांच एजेंसियां अब तक चुप क्यों हैं।
यशपाल आर्य ने दोहराया कि पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि यह पूरे समाज और महिला सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने तक अपनी लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेगी।

