ई-केवाईसी की अंतिम तिथि पर भी 3.48 लाख से अधिक यूनिटें वंचित, हल्द्वानी में उमड़ी भीड़
हल्द्वानी। राशनकार्डधारकों की ई-केवाईसी की बुधवार को अंतिम तिथि निर्धारित थी, लेकिन इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में यूनिटें सत्यापन से वंचित रह गईं। अंतिम दिन जिले भर में 9522 यूनिटों का सत्यापन कराया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुना है। ठंड के बावजूद हल्द्वानी की कई राशन दुकानों पर देर शाम तक लोग ई-केवाईसी के लिए कतारों में खड़े नजर आए।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन राशनकार्डधारकों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है, उन्हें अभी भी सत्यापन कराने का अवसर दिया जाएगा।
जिले में लाल, सफेद और पीले राशनकार्डों की कुल संख्या 2 लाख 36 हजार 633 है। इन कार्डों के अंतर्गत 9 लाख 60 हजार 410 यूनिटों पर हर माह राशन वितरित किया जाता है। यूनिटों के सत्यापन के लिए 31 दिसंबर तक का समय निर्धारित था, लेकिन अब तक केवल 6 लाख 12 हजार 225 यूनिटों का ही सत्यापन हो पाया है। इस तरह 3 लाख 48 हजार 185 यूनिटें अभी भी ई-केवाईसी से वंचित हैं, जो कुल का लगभग 37 प्रतिशत है।
एआरओ विजय जोशी के अनुसार,
हल्द्वानी में 5066,
रामनगर में 2082,
नैनीताल में 1058,
धारी में 567,
कालाढूंगी में 437
और कौश्याकुटौली में 312
लोगों की ई-केवाईसी की गई।
वहीं, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने कहा कि बड़ी संख्या में कार्डधारक अभी भी सत्यापन से छूट गए हैं। ऐसे में आम जनता को राहत देने के लिए ई-केवाईसी की समयसीमा बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी राशन से वंचित न रहे।

