अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का भंडाफोड़, दिल्ली के तीन कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
रेकी कर बंद मकानों को बनाते थे निशाना, पटेल नगर पुलिस ने नकबजनी गिरोह दबोचा
चोरी की कार, नकदी, जेवरात और हथियार बरामद, दिल्ली से देहरादून तक फैला था नेटवर्क
फर्जी नंबर प्लेट और चोरी की गाड़ियों से देते थे वारदात को अंजाम, तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार
देहरादून में बड़ी नकबजनी का खुलासा, एसएसपी बोले—अपराधियों का आपराधिक इतिहास लंबा
देहरादून।
पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली मूल के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व नियोजन और रेकी के बाद बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मंगलू, मनोज और अजय के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से पीड़ित के घर से चोरी की गई कार, 1 लाख 5 हजार रुपये नकद, करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण सहित अन्य कीमती सामान बरामद किया है। इसके साथ ही एक देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस (315 बोर), एक अवैध चाकू और एक खुखरी भी जब्त की गई है।
यह मामला 8 दिसंबर का है, जब स्वास्तिक प्लाजा के समीप बंजारावाला निवासी उदित गुप्ता ने पटेल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात बदमाशों ने उनके बंद मकान का ताला तोड़कर नकदी, जेवरात और एक कार चोरी कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी दौरान चेकिंग अभियान के तहत तेलपुर चौक से लगभग 200 मीटर आगे टी-एस्टेट क्षेत्र से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके खिलाफ चोरी, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। विशेष रूप से मंगलू और मनोज पर दिल्ली के विभिन्न थानों में भी कई मामले लंबित हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी 6 दिसंबर की देर रात चोरी की वैगनआर कार से दिल्ली से देहरादून पहुंचे थे। यहां रेकी कर एक बंद मकान को निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने के बाद वापस दिल्ली लौट गए। पहचान छिपाने के लिए प्रयुक्त वैगनआर कार को बाद में कटवा दिया गया।
इसके बाद पटेल नगर से चोरी की गई कार की मूल नंबर प्लेट हटाकर उस पर दिल्ली की फर्जी नंबर प्लेट लगा दी गई। 13 दिसंबर को गिरोह ने ऋषिकेश क्षेत्र में भी नकबजनी का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा। हाल ही में आरोपी देहरादून में एक और बड़ी वारदात की योजना बनाकर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते वारदात से पहले ही गिरफ्त में आ गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ट्रेसिंग से बचने के लिए स्थानीय वाहनों की नंबर प्लेट चुराकर अपने वाहनों पर लगाते थे। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और संभावित साथियों की तलाश में जुटी है। जांच जारी है।

