12 जनवरी को होगा गरिमामय दीक्षान्त समारोह,शैक्षणिक सत्र 2024-25 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को स्नातक, राज्यपाल करेंगे समारोह की अध्यक्षता
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी का दशम दीक्षान्त समारोह आगामी 12 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गरिमा और अनुशासन के साथ आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया को दी।
राज्यपाल करेंगे समारोह की अध्यक्षता
दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता राज्य के महामहिम राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) करेंगे। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समारोह में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में कार्यपरिषद एवं विद्यापरिषद के सदस्य, शिक्षक, अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे।
उपाधियाँ और 34 स्वर्ण पदक होंगे प्रदान
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को स्नातक,
स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. की उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुल 34 स्वर्ण पदकों से विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न विद्याशाखाओं—मानविकी, समाज विज्ञान, विज्ञान, शिक्षा शास्त्र, वाणिज्य एवं प्रबंधन, स्वास्थ्य विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, पर्यटन, पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन सहित अन्य विषयों के छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी।
कुलाधिपति एवं विश्वविद्यालय स्वर्ण पदकों की घोषणा
कुलपति ने बताया कि सत्र 2024-25 के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक स्नातक स्तर पर शिक्षा शास्त्र विद्याशाखा की छात्रा प्रेरणा भट्ट को बी.एड. में सर्वोच्च उपलब्धि हेतु तथा स्नातकोत्तर स्तर पर मानविकी विद्याशाखा के संस्कृत विषय में प्रवेश कुमार को प्रदान किया जाएगा। वहीं स्नातक स्तर पर मानविकी विद्याशाखा की छात्रा दीपिका को कला विषय में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक मिलेगा। इसके अतिरिक्त कई प्रायोजित एवं स्मृति स्वर्ण पदक भी प्रदान किए जाएंगे।
विमोचन कार्यक्रम और शैक्षणिक संदेश
दीक्षान्त समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘उड़ान’, हिंदी वेबसाइट तथा 20 वर्षों की प्रगति पर आधारित आख्या ‘प्रगति के सोपान’ का विमोचन किया जाएगा। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री का संबोधन तथा माननीय मुख्यमंत्री का वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि यह समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, समावेशी शिक्षा और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वहीं प्रो. (डॉ.) राकेश चन्द्र रयाल ने विश्वविद्यालय की समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

