तेंदुओं का खौफ बरकरार, 50 ट्रैप कैमरे और 20 पिंजरे भी नहीं दे पा रहे राहत,आवाजाही करना जोखिम ,लोगो मे दहशत का माहौल
अल्मोड़ा। जिले में नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों तक तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता लोगों के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। वन विभाग द्वारा तेंदुओं की निगरानी के लिए 50 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में उन्हें पकड़ने के उद्देश्य से 20 पिंजरे भी स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद आमजन को तेंदुओं की दहशत से राहत नहीं मिल पा रही है।
वन विभाग के अनुसार नगर क्षेत्र में तेंदुओं के कई बार सीसीटीवी कैमरों में कैद होने के बाद तल्ला जोशीखोला और हुक्का क्लब के समीप पिंजरे लगाए गए हैं। वहीं मटेला सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता की शिकायत मिलने पर 18 पिंजरे लगाए गए हैं। ट्रैप कैमरों के माध्यम से तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं और लोगों को मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मांस खाने के बाद हड्डियां या मांस के टुकड़े घरों के आसपास न फेंकें। उन्होंने कहा कि बचे हुए मांस की गंध तेंदुओं को आकर्षित करती है, जिससे वे आबादी की ओर रुख कर लेते हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खौफ
नगर के नंदादेवी, माल रोड, जोशीखोला और ढूंगाधारा क्षेत्रों में तेंदुए की दहशत सबसे अधिक बनी हुई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए सोमवार को जोशीखोला में पिंजरा लगाया गया था, लेकिन तेंदुआ उसमें कैद नहीं हुआ। हालांकि पिंजरे में एक बिल्ली और बंदर जरूर फंस गए। तेंदुए की मौजूदगी के चलते लोगों को आवाजाही के दौरान जान का खतरा महसूस हो रहा है।
बोले लोग
मनोज कांडपाल, जोशीखोला-
“तेंदुए की लगातार सक्रियता से लोगों में डर का माहौल है। शाम होते ही लोग घरों में सिमटने को मजबूर हैं। प्रशासन को जल्द इस समस्या से निजात दिलानी चाहिए।”
स्थानीय नागरिक, माल रोड:
“माल रोड क्षेत्र में भी तेंदुआ कई बार दिखाई दे चुका है। शाम के समय आवाजाही करना जोखिम भरा हो गया है। लोगों को तेंदुए के खौफ से जल्द राहत दी जानी चाहिए।”

