पहाड़ से तराई तक वन्यजीवों का आतंक –  कुमाऊं में सर्दियों के दौरान बाघ-तेंदुए के हमलों में 10 लोगों की मौत , कौन कब और कहा हुआ हमला खबर में देखे

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पहाड़ से तराई तक वन्यजीवों का आतंक –
कुमाऊं में सर्दियों के दौरान बाघ-तेंदुए के हमलों में 10 लोगों की मौत , कौन कब और कहा हुआ हमला खबर में देखे

हल्द्वानी/कुमाऊं।
कुमाऊं मंडल में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों से लेकर तराई तक बाघ, तेंदुए और भालू के हमलों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। इस सर्दी के मौसम में नवंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक अलग-अलग जिलों में वन्यजीवों के हमलों में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात इतने भयावह हो गए हैं कि कई गांवों में शाम होते ही कर्फ्यू जैसा माहौल बन जाता है। लोग अंधेरा ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जंगल से सटे इलाकों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पहाड़ी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण कार्य, जंगलों की अंधाधुंध कटाई और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हुआ है। जंगलों में पानी और भोजन की कमी के कारण बाघ, तेंदुए और भालू आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

नवंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक वन्यजीव हमलों में हुई मौतें

12 नवंबर 2025 – चंपावत के मंगोली गांव (तोक धूरा) में तेंदुए के हमले में भंवर राम की मौत
9 दिसंबर 2025 – चंपावत के च्यूरानी ग्राम पंचायत (तोक धरगड़ा) में देव सिंह अधिकारी की मौत
27 दिसंबर 2025 – धारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत दीनी तल्ली (तोक धुरा) में हेमा देवी की मौत
30 दिसंबर 2025 – ओखलकांडा की ग्राम पंचायत चमोली में रेखा देवी की मौत
31 दिसंबर 2025 – अल्मोड़ा के जोरासी रेंज में बाघिन के हमले में बचुली देवी की मौत
2 जनवरी 2026 – कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, ढेला रेंज में बाघ के हमले में सुखिया देवी की मौत
4 जनवरी 2026 – पटकोट भलौन में बाघ के हमले में एक श्रमिक की मौत
7 जनवरी 2026 – बागेश्वर के मनकोट गांव में देवकी देवी की मौत
11 जनवरी 2026 – धारी ब्लॉक में तेंदुए के हमले में गंगा देवी की मौत
12 जनवरी 2026 – खटीमा के बग्गा चौवन गांव में बाघ के हमले में शेर सिंह कन्याल की मौत

भालू के हमले में युवक घायल

वन्यजीवों का खतरा केवल बाघ और तेंदुओं तक सीमित नहीं है। 21 नवंबर 2025 को पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र के जयकोट गांव में भालू के हमले में नरेंद्र नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर किया गया।

वन विभाग का पक्ष

मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को गंभीर चुनौती बताते हुए वन विभाग ने गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।
पीपीसीएफ (हॉफ) रंजन कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी डीएफओ को नियमित गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं और गांव-गांव जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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