SIR अपडेट-  विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर 50% से कम प्रगति वाले बूथों की समीक्षा -31 जनवरी तक सम्पर्क

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SIR अपडेट-  विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर 50% से कम प्रगति वाले बूथों की समीक्षा -31 जनवरी तक सम्पर्क
हल्द्वानी (नैनीताल)।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत निर्देशों के क्रम में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आसान घोषणा के संबंध में शुक्रवार को नगर निगम सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नैनीताल विवेक राय ने की।
बैठक में वर्ष 2003 एवं 2025 की मतदाता सूची के मिलान मैपिंग कार्य में 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदेय स्थलों की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित सुपरवाइजर एवं बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) से प्रगति की जानकारी ली गई।
अपर जिलाधिकारी ने 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदेय स्थलों के बीएलओ को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक मतदाता से समन्वय, संवाद एवं पहुंच सुनिश्चित करते हुए विशेष अभियान चलाकर न्यूनतम 75 प्रतिशत लक्ष्य शीघ्र प्राप्त करें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य को सुगमता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समयबद्धता के साथ तनावमुक्त वातावरण में पूर्ण करने के लिए आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक बीएलओ वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार 20 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन अपनी सुविधा अनुसार अधिक से अधिक मतदाताओं से संपर्क कर सकता है।
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से दिशा-निर्देश दिए गए—
वर्तमान मतदाता सूची में ऐसे मतदाता जिनकी आयु 38 वर्ष या उससे अधिक है और जो सामान्यतः मतदेय स्थल क्षेत्र में निवासरत हैं, लेकिन जिनकी मैपिंग नहीं हुई है, उनसे वर्ष 2003 के निवास का विवरण प्राप्त किया जाए।
यदि मतदाता पूर्व में उत्तराखंड के किसी जनपद/विधानसभा में पंजीकृत रहा हो, तो ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नाम खोजकर मैपिंग की जाए।
यदि वर्ष 2003 की सूची में मतदाता के माता-पिता या दादा-दादी का नाम उपलब्ध हो, तो सेल्फ एवं प्रोजेनी के रूप में बीएलओ ऐप के माध्यम से मैपिंग की जाए।
मृत पाए गए मतदाताओं को डेड मार्क कर संबंधित फॉर्म-7 भरना एवं प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए।
यदि कोई मतदाता क्षेत्र से स्थानांतरित हो गया है, तो उसे शिफ्टेड मार्क करते हुए स्थिति के अनुसार फॉर्म-8 या फॉर्म-7 भरवाया जाए।
यदि कोई मतदाता क्षेत्र में अनुपस्थित पाया जाता है और उसके स्थानांतरण की पुष्टि नहीं होती, तो उसे अनुपस्थित के रूप में चिह्नित किया जाए।
अन्य राज्यों से उत्तराखंड में निवासरत तथा वर्तमान मतदाता सूची में पंजीकृत ऐसे मतदाता, जिनका नाम वर्ष 2002, 2003 या 2004 में किसी अन्य राज्य में दर्ज रहा हो, उनके संबंध में voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर संबंधित राज्य की पिछली SIR मतदाता सूची से विवरण खोजकर बीएलओ ऐप के माध्यम से सीधे मैपिंग की जाए।
बैठक में गोपाल सिंह चौहान, नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, हंसा दत्त पांडे, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संबंधित बीएलओ उपस्थित रहे।

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