खनन माफियाओ की घबराहट –  पुलिस कार्रवाई तेज होते ही WhatsApp चैट डिलीट, डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश 15 जनवरी को उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर सब-इंस्पेक्टर को कुचलने का प्रयास

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खनन माफियाओ की घबराहट –  पुलिस कार्रवाई तेज होते ही WhatsApp चैट डिलीट, डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश
15 जनवरी को उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर सब-इंस्पेक्टर को कुचलने का प्रयास

संगठित खनन माफिया के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज होते ही आरोपी बुरी तरह घबरा गए। गिरफ्तारी की आशंका में सबसे पहले उन्होंने आपसी संपर्क से जुड़े अहम डिजिटल सबूत नष्ट करने की कोशिश की। पुलिस जांच में सामने आया है कि माफिया से जुड़े ट्रक चालकों और लोकेटरों को अपने आकाओं से निर्देश मिले थे कि वे मोबाइल से व्हाट्सएप चैट और संबंधित ग्रुप डिलीट कर दें, जिनके माध्यम से पूरा सिंडिकेट संचालित हो रहा था।

मोबाइल लॉक, डेटा रिकवरी में बरती जा रही सतर्कता

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले, तो कई फोन पूरी तरह लॉक मिले, जबकि कुछ में चैट पहले ही डिलीट की जा चुकी थी। सभी मोबाइल फोन सर्विलांस टीम को सौंप दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, लॉक तोड़ने की प्रक्रिया में डेटा नष्ट होने की आशंका रहती है, इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से अत्यंत सावधानीपूर्वक डेटा रिकवरी कराई जा रही है।

ISTP की चोरी से अंतरराज्यीय अवैध खनन

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड से रेता-बजरी से लदे ओवरलोड ट्रक अंतरराज्यीय पारगमन पास (ISTP) की चोरी कर अवैध रूप से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कराए जा रहे थे। इस संगठित नेटवर्क के जरिए माफिया प्रतिदिन लाखों रुपये का अवैध मुनाफा कमा रहा था।

15 जनवरी को जांच टीम पर जानलेवा हमला

15 जनवरी को बहेड़ी क्षेत्र में उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर जब पुलिस की जांच टीम ने ट्रकों की चेकिंग शुरू की, तो हालात अचानक बेकाबू हो गए। उत्तराखंड की ओर से एक साथ करीब 30 से 35 ओवरलोड ट्रक तेज रफ्तार में आए और जांच में तैनात सब-इंस्पेक्टर को कुचलने का प्रयास करते हुए मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ट्रकों का पीछा किया गया, हालांकि चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए।

24 गिरफ्तार, 40 वाहन जब्त

अब तक इस मामले में पुलिस 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें 19 ट्रक चालक और 5 लोकेटर शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान 37 ट्रक समेत कुल 40 वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश में फैले संगठित खनन माफिया का हिस्सा है और अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इसके सरगनाओं तक पहुंचने की तैयारी की जा रही है।

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