*नैनीताल की ब्रिटिशकालीन लकड़ी की इमारतों पर बढ़ता खतरा* *अग्निकांडों के बाद प्रशासन सक्रिय, नगर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की होगी व्यापक जांच*

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*नैनीताल की ब्रिटिशकालीन लकड़ी की इमारतों पर बढ़ता खतरा*

*अग्निकांडों के बाद प्रशासन सक्रिय, नगर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की होगी व्यापक जांच*

नैनीताल। ब्रिटिश कालीन विरासत से सजे नैनीताल नगर की पुरानी काष्ठ-निर्मित इमारतें आग की घटनाओं में सबसे ज्यादा संवेदनशील मानी जाती हैं। बीते दिनों शहर में लगातार हुए अग्निकांडों ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नगर में उपलब्ध फायर हाइड्रेंट्स और दमकल संसाधन पर्याप्त और पूरी तरह से कार्यशील हैं?

इसी बढ़ती चिंता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा के लिए एक संयुक्त समिति गठित की है। इस समिति में परगना अधिकारी नैनीताल, अधिशासी अभियंता (उत्तराखण्ड जल संस्थान) तथा अग्निशमन अधिकारी, फायर स्टेशन नैनीताल को शामिल किया गया है।

समिति करेगी स्थलीय निरीक्षण, सात दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह तत्काल नगर क्षेत्र का फील्ड इंस्पेक्शन शुरू करे और सात दिनों के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपे। निरीक्षण निम्न प्रमुख बिंदुओं पर आधारित होगा—

1. फायर हाइड्रेंट्स की स्थिति का आकलन

नगर में स्थापित सभी फायर हाइड्रेंट्स की जांच की जाएगी—कितने सही कार्य कर रहे हैं और कितने लंबे समय से अक्रियाशील हैं, इसका ब्योरा तैयार किया जाएगा।

2. दमकल वाहनों की पहुँच क्षमता

कई स्थानों पर सड़कें संकरी हैं या अवरोध मौजूद हैं। समिति यह मूल्यांकन करेगी कि दमकल वाहन कितनी सहजता से प्रत्येक हाइड्रेंट तक पहुँच सकते हैं, ताकि आग लगने की स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम हो सके।

3. मरम्मत, प्रतिस्थापन और नए हाइड्रेंट्स की जरूरत

जहाँ आवश्यक होगा, वहां मरम्मत, पुराने हाइड्रेंट्स को बदलना, और नए हाइड्रेंट्स स्थापित करना—इन तमाम पहलुओं पर तकनीकी और प्रशासनिक सुझाव रिपोर्ट का हिस्सा होंगे।

4. सीधे पानी सप्लाई की व्यवहारिकता

समिति यह भी अध्ययन करेगी कि क्या शहर में फायर हाइड्रेंट्स तक सीधे पानी आपूर्ति सुनिश्चित करना संभव है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में पानी की उपलब्धता बाधित न हो।

 

अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम

लगातार बढ़ रहे आग के जोखिम और संवेदनशील ब्रिटिशकालीन संरचनाओं को देखते हुए यह कदम नैनीताल शहर की अग्नि सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

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