छात्रवृत्ति घोटाला मामला: हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई रोक, सरकार से 12 फरवरी तक जवाब तलब
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी राहत देते हुए निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह आदेश समन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया गया है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को 12 फरवरी तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता जगमोहन सिंह कफोला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि वे हल्द्वानी स्थित सोशल वेलफेयर डायरेक्टोरेट में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने निचली अदालत द्वारा 18 जून 2021 को जारी समन आदेश को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित मिलीभगत से छात्र-छात्राओं का भौतिक सत्यापन किए बिना छात्रवृत्ति की धनराशि जारी कर दी। जबकि कफोला का तर्क है कि उस समय लागू शासनादेश और नियमों के अनुसार ही छात्रवृत्ति वितरित की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है।

