बड़ी खबर -चमोली टनल हादसा- लोको वैगन चालक बर्खास्त
लापरवाही पर टीएचडीसी की सख्त कार्रवाई, सुपरवाइजर भी जांच के दायरे में
चमोली।
चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए हादसे के बाद टीएचडीसी (THDC) प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते 30 दिसंबर को दो लोको वैगनों के बीच हुई जोरदार टक्कर के मामले में एक लोको वैगन चालक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि संबंधित सुपरवाइजर की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है।
टीएचडीसी के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8:30 बजे मजदूरों को लेकर जा रही एक लोको वैगन टनल के भीतर खड़ी दूसरी वैगन से टकरा गई थी। उस समय वैगन में रात्रि शिफ्ट के 81 मजदूर सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि टनल के अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद दूसरी वैगन की व्यवस्था कर सभी घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें गोपेश्वर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
76 मजदूरों को मिली छुट्टी, 5 का इलाज जारी
प्रबंधन के अनुसार, घायल हुए 81 मजदूरों में से 76 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 5 मजदूरों का उपचार अभी जारी है। सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। टीएचडीसी ने स्पष्ट किया है कि घायलों के इलाज का संपूर्ण खर्च कंपनी वहन करेगी।
प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही उजागर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टनल के भीतर खड़ी लोको वैगन का ब्रेक फेल हो गया था, जिससे वह खिसककर दूसरी वैगन से टकरा गई। जांच में यह भी पाया गया कि हादसे के समय खड़ी वैगन का चालक मौके पर मौजूद नहीं था, जिसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया।
सुपरवाइजर की भूमिका भी जांच के घेरे में
कार्यपालक निदेशक ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाले सुपरवाइजर की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही परियोजना में सभी सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

