प्रवासी नागरिकों को राहत: अब जिले बदलने पर नहीं रुकेगा राशन, कहीं से भी होगी ई-केवाईसी
देहरादून।
उत्तराखंड सरकार ने प्रवासी नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए राशन कार्ड की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब प्रवासी राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी कराने के लिए अपने मूल गांव या जिले में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे राज्य के किसी भी जिले में स्थित सरकारी सस्ता गल्ला दुकान से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
सरकार की इस नई सुविधा से ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना को और मजबूती मिलेगी, साथ ही जरूरतमंदों तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। अभी तक प्रवास कर रहे राशन कार्ड धारकों और उनके परिवार के सदस्यों में यह भ्रम बना हुआ था कि ई-केवाईसी कराने के लिए गांव लौटना जरूरी है, लेकिन जिला पूर्ति विभाग ने इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
जिला पूर्ति विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में रह रहे राशन कार्ड धारक और उनके परिवार के सदस्य अपने आसपास की किसी भी सरकारी सस्ता गल्ला दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने मूल निवास स्थान पर जाने की जरूरत नहीं है।
दरअसल, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले रहे अपात्र लोगों की पहचान और कार्रवाई के लिए सरकार ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। इसी को लेकर उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब विभाग ने दूर कर दिया है।
विभाग द्वारा ई-केवाईसी के लिए एक विशेष ऐप भी जल्द तैयार किया जा रहा है। हालांकि, जब तक यह ऐप पूरी तरह शुरू नहीं हो जाता, तब तक लाभार्थी सरकारी सस्ता गल्ला दुकानों के माध्यम से ही ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) के.के. अग्रवाल ने बताया कि उपभोक्ताओं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वे जिस जिले में वर्तमान में रह रहे हैं, वहीं की सरकारी सस्ता गल्ला दुकानों से ई-केवाईसी करा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सस्ता गल्ला विक्रेताओं को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं और ई-केवाईसी में लापरवाही बरतने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से प्रवासी नागरिकों को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें राशन कार्ड संबंधी औपचारिकताओं के लिए गांव जाने की मजबूरी नहीं होगी ।

