डंपर के अंदर पेट्रोमैक्स जलाने से बड़ा हादसा, ठंड से बचाव बना
चाचा-भतीजे की दम घुटने से दर्दनाक मौत
नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ठंड से बचने के लिए डंपर के केबिन के अंदर पेट्रोमैक्स जलाकर बैठे चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी थे दोनों
मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार के रूप में हुई है। दोनों पेशे से डंपर चालक थे और शनिवार 10 जनवरी को रामनगर के ग्राम पीरुमदारा स्थित एक स्टोन क्रशर में उपखनिज सामग्री लेने पहुंचे थे।
सुबह लोडिंग के बाद डंपर में ही रुके
रविवार 11 जनवरी की तड़के करीब 5 बजे दोनों ने 18 टायरा डंपर में क्रशर से उपखनिज सामग्री लोड की। इसके बाद उन्होंने वाहन को क्रशर के बाहर खड़ा कर दिया। कड़ाके की ठंड के कारण दोनों डंपर के केबिन के अंदर ही बैठ गए।
शीशे बंद कर जलाया पेट्रोमैक्स, निकली जहरीली गैस
ठंड से बचने के लिए चाचा-भतीजे ने केबिन के अंदर पेट्रोमैक्स जला लिया और वाहन के शीशे बंद कर लिए। बंद केबिन में पेट्रोमैक्स से निकलने वाली गैस भरती चली गई, जिससे दोनों बेहोश हो गए। गैस का असर इतना तेज था कि उन्हें संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।
दोपहर में हुआ खुलासा, अस्पताल में मृत घोषित
दोपहर के समय जब वहां मौजूद अन्य लोगों ने दोनों को आवाज दी और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो शक हुआ। शीशा तोड़कर देखा गया तो दोनों केबिन के अंदर बेहोशी की हालत में पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें बाहर निकालकर रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दम घुटने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर बंद जगहों में आग या गैस जलाने से होने वाले खतरों की गंभीर चेतावनी देता है।

