CBI Investigation: ऊर्जा शोध संस्थान में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, संयुक्त निदेशक 9.5 लाख लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए बंगलूरू स्थित केंद्रीय ऊर्जा शोध संस्थान के संयुक्त निदेशक राजाराम मोहन राव चेन्नू को 9.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक निजी कंपनी के अधिकारी को भी हिरासत में लिया गया है। छापेमारी में करोड़ों रुपये की नकदी और विदेशी मुद्रा बरामद होने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
कैसे उजागर हुआ रिश्वत का मामला
सीबीआई के अनुसार, 8 जनवरी को संयुक्त निदेशक समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि संयुक्त निदेशक ने एक निजी कंपनी सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा निर्मित इलेक्ट्रिकल उपकरणों के पक्ष में जांच रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। पुख्ता सूचना के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और शुक्रवार को बंगलूरू में रिश्वत के लेनदेन के दौरान दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
छापेमारी में करोड़ों की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी संयुक्त निदेशक के आवास पर तलाशी ली। इस दौरान करीब 3.59 करोड़ रुपये नकद, 4 लाख रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा और भारी मात्रा में आभूषण बरामद किए गए। जब्त विदेशी मुद्रा में अमेरिकी डॉलर, हांगकांग डॉलर, सिंगापुर डॉलर, इंडोनेशियाई रुपिया, मलयेशियाई रिंगिट, यूरो, युआन, स्वीडिश क्रोना और दिरहम शामिल हैं। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं।
सूटकेस में छिपाकर रखी गई थी नकदी
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान एक कमरे से तीन बड़े सूटकेस बरामद किए गए, जिनमें भारी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी अधिकारी लंबे समय से भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त था और अपने पद का दुरुपयोग कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचा रहा था।
सीबीआई के गंभीर आरोप
सीबीआई का कहना है कि संयुक्त निदेशक ने संस्थान की जिम्मेदारियों का दुरुपयोग करते हुए जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। निजी कंपनी के उत्पादों को मंजूरी दिलाने के बदले रिश्वत ली जा रही थी। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और इससे पहले ऐसे कितने लेनदेन किए गए।
सीबीआई ने संकेत दिए हैं कि मामला अभी शुरुआती जांच चरण में है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। जब्त नकदी और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क के उजागर होने की उम्मीद जताई जा रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

