आपदा व खनन न्यास निधि के कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, 15 जनवरी तक यूसी न देने पर कार्रवाई के निर्देश

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आपदा व खनन न्यास निधि के कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, 15 जनवरी तक यूसी न देने पर कार्रवाई के निर्देश
हल्द्वानी |
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में राज्य आपदा मोचक निधि, गैर आपदा मोचक निधि, आपदा न्यूनीकरण निधि, अनटाइड फंड एवं खनिज न्यास निधि से विभिन्न विभागों को आवंटित धनराशि की विभागवार समीक्षा की।
बैठक में आपदा निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों हेतु गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराई गई धनराशि की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने छोटे-छोटे कार्य होने के बावजूद समय पर कार्य पूर्ण न किए जाने तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) प्रस्तुत न करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 जनवरी 2026 तक जिन विभागों द्वारा गत वित्तीय वर्ष की धनराशि का पूर्ण व्यय कर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाएगा, उन संबंधित कार्यदाई संस्थाओं को भविष्य में किसी भी प्रकार की धनराशि आवंटित नहीं की जाएगी तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा निधि का उद्देश्य त्वरित राहत, निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्य है। ऐसे में आपदा कार्यों को प्राथमिकता न देना गंभीर लापरवाही है, जो किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कार्यप्रणाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सभी प्रस्ताव तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिला मुख्यालय भेजे जाएं तथा संबंधित विभाग के अधिकारी स्वयं प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत करें, किसी अन्य के माध्यम से नहीं।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि आपदा निधि से कराए गए सभी कार्यों के फोटोग्राफ सहित थर्ड पार्टी सत्यापन रिपोर्ट के साथ शीघ्र उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाएं। कार्यदाई संस्थाओं को आपदा मानकों एवं स्वीकृत प्रस्तावों के अनुरूप कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की डुप्लीकेसी न होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा निधि से कराए जा रहे कार्यों का अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन करें। जो कार्यदाई संस्थाएं संतोषजनक कार्य नहीं कर रही हैं, उन्हें तत्काल बदलने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान बढ़ती ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों का नियमित निरीक्षण कर प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने, जरूरतमंदों को कंबल वितरण तथा रैन बसेरों में समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने खनिज न्यास निधि के अंतर्गत विभिन्न विभागों एवं कार्यदाई संस्थाओं को उपलब्ध कराई गई लगभग 25 करोड़ रुपये की धनराशि के सापेक्ष किए गए कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बाल विकास, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क एवं संरचना निर्माण, सिंचाई, नलकूप एवं कृषि भूमि सुधार से संबंधित कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए समयबद्ध एवं पूर्ण धनराशि व्यय के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खनिज न्यास निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसका पूर्ण एवं पारदर्शी सदुपयोग सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी सहित सभी उप जिलाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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