आउटडेटेड नहीं, रोजगारपरक कौशल चाहिए — डीएम ललित मोहन रयाल
एआई, सोलर, माइनिंग व पर्यटन जैसे आधुनिक कोर्सों को मिले प्राथमिकता
हल्द्वानी। कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जिला कौशल एवं अप्रेन्टिसशिप समिति की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला सेवायोजन एवं कौशल विकास अधिकारी प्रियंका गड़िया को निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों में आधुनिक व बाजार की मांग के अनुरूप विषयों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो कोर्स आउटडेटेड या अप्रचलित हो चुके हैं, उन्हें हटाकर वर्तमान समय में रोजगार दिलाने वाले कोर्स शुरू किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहारिक और फील्ड आधारित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि प्रशिक्षार्थी वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझकर समाधान कर सकें। उन्होंने बताया कि जनपद में गौला, नंधौर, कोसी सहित विभिन्न नदियों में माइनिंग कार्य बड़े पैमाने पर होता है, लेकिन इसके लिए प्रशिक्षित सुपरवाइजर और माइनिंग मेट उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में युवाओं को इन क्षेत्रों का प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
डीएम रयाल ने एआई, एसी मैकेनिक, सोलर लाइट रिपेयरिंग, पॉलीहाउस निर्माण, पर्यटन क्षेत्र में गाइड जैसे आधुनिक और रोजगारपरक कोर्सों को प्राथमिकता से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के प्रत्येक विकासखंड के विद्यालयों में काउंसिलिंग कर 10वीं व 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फल पट्टी वाले क्षेत्रों में फलों की ग्रेडिंग के लिए कुशल जनशक्ति की कमी है, इसलिए संबंधित क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिकता के साथ प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में हिमालयन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश चंद्र बिनजोला, सचिव मनोज डागा, संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण मयंक अग्रवाल, डेयरी एएल श्रीवास्तव, श्रम एवं प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कटियार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

