शासन को चुनौती देना पड़ा भारी, वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा पर गिरी गाज, दो वर्षों तक दंडित
हल्द्वानी
स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक मंच से शासकीय निर्णय की आलोचना करना, कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन व नारेबाजी करना तथा शासकीय कार्यवृत्त में दुराशयपूर्वक छेड़छाड़ करना राजस्व विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा को महंगा पड़ गया।
विभागीय जांच में उनके विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
जारी आदेश के अनुसार जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कार्मिक द्वारा सेवा संबंधी मामलों में बाहरी दबाव बनाने का प्रयास किया गया, जो एक लोक सेवक से अपेक्षित आचरण के विपरीत है।
इन कृत्यों को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा की भर्त्सना की गई है तथा उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां दो वर्षों की अवधि के लिए रोके जाने के आदेश पारित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवकों से अनुशासन, मर्यादा और नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है और शासन के निर्णयों को सार्वजनिक रूप से चुनौती देने जैसे आचरण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

