सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े छह लाख की ठगी, गिरोह का सरगना गिरफ्तार
उधम सिंह नगर
शाहपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के एक युवक से करीब साढ़े छह लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना सुधीर कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले के जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र और प्रतीक्षा सूची जारी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुधीर कुमार मिश्रा निवासी कीरतपुर, जनपद उधमसिंहनगर के रूप में हुई है। शाहपुर थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक तिवारी ने थाने में दी तहरीर में बताया कि जनवरी 2024 में वह अपने पिता विनोद कुमार तिवारी के साथ उधमसिंहनगर जिले के कीरतपुर गांव में एक विवाह समारोह में गए थे। वहीं उनकी मुलाकात पिता की पूर्व पहचान के सुधीर कुमार मिश्रा से हुई।
आरोप है कि बातचीत के दौरान सुधीर ने खुद को उत्तराखंड सरकार में प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए अभिषेक को समूह ‘ग’ में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसने मेडिकल, फॉर्म भरने और नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग खातों में रुपये मंगवाए।
भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से उधमसिंहनगर के डीएम के फर्जी हस्ताक्षर वाला प्रतीक्षा सूची पत्र भेजा। कुछ दिन बाद नियुक्ति पत्र भी भेज दिया गया, जिससे परिवार को नौकरी पक्की होने का विश्वास हो गया। इसी दौरान गिरोह की एक महिला ने खुद को डीएम कार्यालय की बाबू बताते हुए फोन पर संपर्क किया और शेष रकम की मांग की।
पीड़ित अभिषेक और उसके पिता ने कुल मिलाकर करीब 6.5 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। लंबे समय तक जॉइनिंग नहीं होने पर अभिषेक के पिता स्वयं उधमसिंहनगर पहुंचे, जहां डीएम कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कराने पर सभी कागजात फर्जी पाए गए।
इसके बाद पीड़ित ने शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुधीर कुमार मिश्रा संगठित गिरोह के साथ मिलकर इस तरह की ठगी कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने गिरोह में शामिल अर्जुन छाबड़ा, चंद्रपाल सिंह, इमरान हुसैन, सादाब नाज, राधारानी, फैज राज खान और हरिश प्रजापति के नाम बताए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

