लालकुआँ में माफियाओं की खैर नहीं — गुंडा एक्ट और जिला बदर से होगी सख्त कार्रवाई – अवैध शराब के खिलाफ जनआक्रोश
लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब का फैलता जाल अब जनआक्रोश का रूप ले चुका है। गांवों से लेकर शहरी बस्तियों तक खुलेआम बिक रही शराब के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन को सीधे चेतावनी दे दी है कि अब कार्रवाई टालने का वक्त खत्म हो चुका है।
क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पियूष जोशी के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं और कांग्रेस नेताओं ने कोतवाल बृजमोहन राणा को ज्ञापन सौंपते हुए अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ, जिलाधिकारी नैनीताल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को भी भेजी गई है, जिससे मामला अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर हो गया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शराब माफिया बेखौफ होकर गांव-गांव जहर बेच रहे हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना है कि नशे की गिरफ्त में जा रही युवा पीढ़ी समाज के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। लोगों ने बताया कि आसानी से उपलब्ध अवैध शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं—घरेलू कलह बढ़ रही है, आर्थिक हालात बिगड़ रहे हैं और अपराध की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है।
आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में पुलिस चौकियां और नाके मौजूद हैं तो आखिर माफिया किसके संरक्षण में यह कारोबार चला रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उधर पुलिस प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने स्पष्ट कहा कि अवैध शराब कारोबारियों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ गुंडा एक्ट तथा जिला बदर जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

