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तहसील में बड़ी प्रशासनिक लापरवाही उजागर, डीएम ने दिए जांच के आदेश मचा हड़कंप

हल्द्वानी |
सोमवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तहसील  का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार/नायब तहसीलदार न्यायालय से संबद्ध भू-राजस्व अभिलेख कक्ष में दो निजी व्यक्तियों की मौजूदगी पाए जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के समय उक्त दोनों निजी व्यक्ति भू-राजस्व से संबंधित न्यायालयीन फाइलों पर आम नागरिकों से पब्लिक डीलिंग करते हुए पाए गए। हैरानी की बात यह रही कि उस समय संबंधित कक्ष में कोई भी अधिकृत सरकारी कर्मचारी उपस्थित नहीं था, वहीं न्यायालयीन अभिलेख अनधिकृत व्यक्तियों की सीधी पहुंच में थे।
इस गंभीर स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितता, सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा में भारी चूक तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप का स्पष्ट संकेत है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नैनीताल को निर्देशित किया है कि प्रकरण की विस्तृत, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए। जांच के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा—
निजी व्यक्तियों की पहचान, पृष्ठभूमि एवं न्यायालय में उपस्थिति का आधार
किस अधिकार अथवा अनुमति के तहत वे न्यायालय कक्ष में मौजूद थे
किन-किन भू-राजस्व प्रकरणों पर उनके द्वारा पब्लिक डीलिंग की गई
न्यायालयीन कक्ष एवं अभिलेखों तक उनकी पहुंच कैसे संभव हुई
संबंधित समय पर सरकारी अधिकारी/कर्मचारी की अनुपस्थिति का कारण
क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष अनुमति दी गई
क्या इस अनधिकृत डीलिंग से किसी को अनुचित लाभ अथवा हानि हुई
सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा, गोपनीयता एवं न्यायालयीन मर्यादा का उल्लंघन
दंडात्मक, विभागीय अथवा आपराधिक कार्रवाई की आवश्यकता
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान आवश्यक होने पर संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए तथा अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं। यदि जांच में प्रथम दृष्टया कोई आपराधिक कृत्य सामने आता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख जांच प्रतिवेदन में किया जाए।
पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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