नैनीताल: मल्लीताल में ब्रिटिशकालीन भवन में भीषण आग, सरस्वती शिशु मंदिर समेत कई प्रतिष्ठान जलकर खाक

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नैनीताल: मल्लीताल में ब्रिटिशकालीन भवन में भीषण आग, सरस्वती शिशु मंदिर समेत कई प्रतिष्ठान जलकर खाक

नैनीताल। जिला मुख्यालय के मल्लीताल क्षेत्र में चीना बाबा चौराहे के पास मंगलवार शाम एक ब्रिटिशकालीन भवन में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि भवन में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जबकि पॉपुलर टेंट हाउस, दीना होटल, नैनीताल कम्प्यूटर सेंटर और अन्य दुकानों को भारी क्षति पहुँची।
सौभाग्य से घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

कैसे लगी आग?

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम लगभग 6 बजे सरस्वती शिशु मंदिर के कमरों से धुआँ उठता दिखाई दिया। नैनीताल कम्प्यूटर सेंटर के संचालक राजीव दुबे ने आग बुझाने के यंत्रों से आग रोकने की कोशिश की, परंतु लकड़ी का पुराना ढांचा होने से आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई।

राहत–बचाव कार्य

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। बाद में अन्य स्थानों से भी वाहन बुलाए गए।
पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाने में लगातार प्रयास किए।

करीब रात साढ़े आठ बजे आग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सका, हालांकि धुएँ का गुबार देर तक हवा में फैला रहा।

कमज़ोर हाइड्रेंट लाइन बनी बाधा

आग बुझाने में देरी का एक बड़ा कारण पवेलियन होटल के सामने हाईकोर्ट गेट के पास स्थित फायर हाइड्रेंट की पानी लाइन में कम फोर्स बताया गया।
स्थानीय लोगों ने भी इसे बड़ी लापरवाही माना।

किसका था भवन?

यह ब्रिटिशकालीन भवन अशोक साह और आलोक साह (बॉबी) का बताया जा रहा है।
भूतल में पॉपुलर टेंट हाउस, गीता आश्रम, दीना होटल और नैनीताल कम्प्यूटर सेंटर संचालित होते थे। पीछे के हिस्से में मालिक परिवार का आवास है, जो इन दिनों हल्द्वानी में है।

पहले भी जल चुके हैं कई ऐतिहासिक भवन

मल्लीताल क्षेत्र में ब्रिटिशकालीन संरचनाओं में आग की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ महीने पहले मोहन को. चौराहे पर स्थित ओल्ड लंदन हाउस भीषण आग में नष्ट हो गया था।
पिछले वर्षों में कई अन्य ऐतिहासिक भवन भी आग की भेंट चढ़ चुके हैं, जिससे क्षेत्र की धरोहर लगातार खतरे में है।

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