बहुचर्चित GMFX Global – रानीखेत में 50 लाख का नया निवेश घोटाला, हड़कंप ,रानीखेत–हल्द्वानी तक फैला निवेश जाल, पीड़ित ने दी तहरीर – इससे पूर्व 10 लाख निवेश घोटाला मामले में आरोपी 14 दिन की जेल काट रहा है
रानीखेत।
दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर निवेशकों को फंसाने वाले बहुचर्चित GMFX Global Limited मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। 10 लाख रुपये की निवेश ठगी के मामले में एक सप्ताह पूर्व गिरफ्तारी और अभियुक्त को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब रानीखेत में 50 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित विमल किशोर भट्ट, निवासी देवलीखेत, लालकुर्ती, रानीखेत (अल्मोड़ा) ने थाना रानीखेत में दी तहरीर में बताया कि नवंबर–दिसंबर 2024 में गांधी चौक, रानीखेत में उनकी मुलाकात GMFX Global Limited के सीईओ बिमल रावत, डायरेक्टर रूबी रावत तथा स्वयं को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बताने वाले अनुप कंडारी से कराई गई।
आरोप है कि आरोपितों ने कंपनी की वेबसाइट दिखाकर फॉरेक्स ट्रेडिंग और जमीनों में निवेश के नाम पर 25 माह में राशि दोगुनी करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद जनवरी 2025 से विभिन्न तिथियों में पीड़ित से—
नेफ्ट व आरटीजीएस के माध्यम से 24.50 लाख रुपये,
कंपनी खाते में टॉप-अप के नाम पर रकम,
लगभग 5 लाख रुपये नकद,
तथा कंपनी द्वारा बताए गए अन्य खातों में करीब 20 लाख रुपये,
जमा कराए गए।
पीड़ित का आरोप है कि कुछ समय बाद आरोपितों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि हल्द्वानी क्षेत्र में भी GMFX Global के नाम पर कई लोगों से इसी तरह की ठगी की जा चुकी है।
इसी क्रम में 18 जनवरी 2026 को मुखानी, नैनीताल निवासी पार्थ परासर ने कोतवाली हल्द्वानी में GMFX Global Limited के मालिक बिमल रावत और उनकी पत्नी रूबी रावत के खिलाफ तहरीर दी थी। वादी के अनुसार, नवंबर–दिसंबर 2024 में 25–30 महीनों में निवेश राशि दोगुनी करने और प्रतिमाह 8 प्रतिशत ब्याज देने का आश्वासन देकर दो किश्तों में कुल 10 लाख रुपये निवेश कराए गए। बाद में केवल 1.90 लाख रुपये मूलधन और उतनी ही राशि ब्याज के रूप में लौटाई गई, जबकि शेष 8.10 लाख रुपये हड़प लिए गए।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 19 जनवरी 2026 को अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। विवेचना के दौरान अन्य पीड़ितों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
सीओ रानीखेत विमल प्रसाद ने बताया कि मामला गंभीर है और रानीखेत व हल्द्वानी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी सहित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

