गम में बदली नए साल की खुशियां ,अल्मोड़ा में रामगंगा नदी में डूबी महिला, 27 घंटे बाद मिला शव
अल्मोड़ा।
नए साल की शुरुआत जहां खुशियों के साथ होनी थी, वहीं अल्मोड़ा जनपद के स्याल्दे क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। रामगंगा नदी में कपड़े धोने गई 45 वर्षीय महिला की डूबने से मौत हो गई। करीब 27 घंटे बाद उसका शव नदी किनारे बरामद हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड स्याल्दे के सुदूर परथोला गांव निवासी मंजू देवी मंगलवार की सुबह करीब दस बजे रामगंगा नदी के तट पर कपड़े धोने गई थी। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटी तो आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। कहीं पता न चलने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना मासी पुलिस चौकी को दी और महिला के भाई को भी बुलाया गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन मंगलवार को कोई सुराग नहीं लग सका।
बुधवार को दोबारा खोजबीन के दौरान नदी में डूबने की आशंका के चलते किनारे-किनारे तलाशी ली गई। दोपहर के समय मंजू देवी का शव नदी से कुछ दूरी पर किनारे पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना से गांव में मातम पसर गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधि तारादत शर्मा ने बताया कि मृतका के शरीर से एक अन्य कपड़ा भी लिपटा हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बहते कपड़े को निकालने के प्रयास में महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर गई। वहीं मासी पुलिस चौकी प्रभारी सत्येंद्र यादव ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि प्रथम दृष्टया पांव फिसलने से महिला के नदी में गिरने और तेज बहाव में बहकर गहरे पानी में डूबने की आशंका है।
बताया गया कि मंजू देवी अपने घर में अकेली रहती थी। उसके पति किशन सिंह का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका था और वह नि:संतान थी। उसकी सास दिल्ली में अन्य स्वजनों के साथ रहती है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और नए साल की खुशियां गम में तब्दील हो गई हैं।

