पिता–भाई की शिकायत पर जिलाधिकारी ने किया शस्त्र लाइसेंस निरस्त
पारिवारिक संपत्ति विवाद में हथियार के दुरुपयोग की आशंका, लोक शांति को बताया खतरा
नैनीताल।
पारिवारिक विवाद में शस्त्र के संभावित दुरुपयोग की गंभीर आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने विकास किरौला का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई लाइसेंसी के पिता एवं सगे भाई की शिकायत तथा उपलब्ध अभिलेखों के विस्तृत परीक्षण के बाद की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि विकास किरौला पुत्र स्व. जी.एस. किरौला, निवासी बलोट होटल, भुजियाघाट (थाना–नैनीताल) का अपने पिता और भाई के साथ संपत्ति संबंधी विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। प्रकरणों के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ कि पारिवारिक सदस्यों के बीच गहरा वैमनस्य है और भावनात्मक उत्तेजना की प्रबल संभावना बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं ने अपने जीवन को लेकर भी भय व्यक्त किया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि व संपत्ति से जुड़े पारिवारिक विवाद स्वभावतः अत्यंत संवेदनशील होते हैं। ऐसे मामलों में शस्त्र की उपलब्धता स्थिति को और अधिक गंभीर व घातक बना सकती है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह आशंका व्यक्त की गई कि शस्त्र का प्रयोग परिवार के ही सदस्यों के विरुद्ध किया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के विवाद न केवल सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करते हैं, बल्कि लोक शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था के लिए भी प्रतिकूल हैं। ऐसे हालात में शस्त्र लाइसेंस का बने रहना जनहित में उचित नहीं पाया गया।
उपरोक्त सभी तथ्यों, संभावित खतरे तथा लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए पर्याप्त एवं युक्तिसंगत आधारों को ध्यान में रखते हुए विकास किरौला का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।

