उत्तराखंड हाईस्कूल हिंदी परीक्षा में संगठित नकल रैकेट का पर्दाफाश – 8 फर्जी परीक्षार्थी दबोचे, प्रधानाचार्य की भूमिका जांच के घेरे में

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उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल हिंदी परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, रावली महदूद के पंजीकृत छात्र-छात्राओं की जगह दूसरे युवक-युवतियां परीक्षा देने पहुंचे। केंद्र पर तैनात कक्ष निरीक्षकों की सतर्कता से चार युवक और चार युवतियों सहित कुल आठ फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ लिया गया।
जांच के दौरान खुली पोल
मंगलवार को आयोजित हिंदी परीक्षा के लिए उक्त विद्यालय का केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर निर्धारित था। परीक्षा के दौरान नियमित सत्यापन में अलग-अलग कमरों में बैठे आठ परीक्षार्थी संदिग्ध लगे।
कक्ष निरीक्षकों ने जब प्रवेश पत्र और चेहरे का मिलान किया तो गड़बड़ी सामने आई। पूछताछ में परीक्षार्थी घबरा गए और स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। सख्ती बरतने पर खुलासा हुआ कि वे वास्तविक पंजीकृत छात्र-छात्राएं नहीं हैं, बल्कि उनकी जगह परीक्षा देने पहुंचे थे।
प्रवेश पत्रों पर फोटो बदलकर परीक्षा में बैठाने की आशंका जताई जा रही है। तत्पश्चात सभी को परीक्षा से अलग कर लिया गया।
पुलिस को सौंपी गई तहरीर
केंद्र व्यवस्थापक सुरेशचंद्र द्विवेदी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी आठों को हिरासत में ले लिया। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से लिखित शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
प्रधानाचार्य पर भी शक की सुई
घटना के बाद सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, रावली महदूद के प्रधानाचार्य की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। आशंका है कि प्रवेश पत्रों में फोटो परिवर्तन बिना संस्थान स्तर की मिलीभगत के संभव नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को दी गई तहरीर में ऐसे बिंदुओं का उल्लेख है, जिनसे विद्यालय प्रशासन की भूमिका की भी जांच हो सकती है। यदि जांच में संलिप्तता सिद्ध होती है तो विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई संभव है।
बोर्ड परीक्षा में इस तरह के संगठित प्रयास ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

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