भारत-नेपाल बॉर्डर से पाक जासूसी-नार्को नेटवर्क का पर्दाफाश, भगोड़ा भारतीय जवान राजवीर 500 ग्राम हेरोइन व हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार
पूर्वी चंपारण (रक्सौल)।
भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल बॉर्डर के पास मोतिहारी से एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई में पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने हरियाणा पुलिस के सहयोग से भारतीय सेना के भगोड़े जवान राजबीर सिंह उर्फ फौजी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 500 ग्राम हेरोइन और एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है, जबकि उसके साथी के पास से 9 एमएम पिस्टल मिली है।
ड्रग्स के बदले पाकिस्तान को सैन्य जानकारी
जांच में खुलासा हुआ है कि राजबीर सिंह ड्रग्स तस्करी के बदले पाकिस्तान को भारतीय सेना की संवेदनशील जानकारियां लीक कर रहा था। वह नेपाल के रास्ते यूरोप फरार होने की फिराक में था। यह कार्रवाई 19 दिसंबर की तड़के की गई।
नार्को-टेरर नेटवर्क से सीधा जुड़ाव
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि राजबीर का नाम पहले भी सिरसा हैंड ग्रेनेड हमले में सामने आ चुका है। जांच में एक संगठित नार्को-टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसके तार सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलरों से जुड़े हुए हैं।
सेना से फरारी, फिर जासूसी
राजबीर सिंह ने वर्ष 2011 में भारतीय सेना जॉइन की थी, लेकिन फरवरी 2025 में वह फरार हो गया। एसएसओसी की एआईजी डी. सुदरविझी के अनुसार, 2022 में वह इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में आया और हेरोइन की खेपों के बदले गोपनीय सैन्य सूचनाएं साझा करने लगा।
नेपाल से चल रहा था पंजाब में नशे का नेटवर्क
अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बाद राजबीर नेपाल भाग गया। वहां छिपकर वह पंजाब-नेपाल ड्रग्स नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसने अन्य सैन्य कर्मियों को भी पाकिस्तानी हैंडलरों से जोड़ने की कोशिश की।
सहयोगी चिराग भी गिरफ्तार
राजबीर का मुख्य सहयोगी चिराग, फाजिल्का जिले की काशी राम कॉलोनी का निवासी है। उसके पास से 407 ग्राम हेरोइन और 9 एमएम पिस्टल बरामद हुई है। चिराग नशीले पदार्थों का कूरियर था और तस्करी से कमाए पैसे राजबीर तक पहुंचाता था।
महिला थाना ग्रेनेड हमले में भी भूमिका
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार,
“राजबीर और चिराग हरियाणा के सिरसा महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले की साजिश में शामिल थे। दोनों ने अमृतसर ग्रामीण के गुरजंत सिंह को हैंड ग्रेनेड उपलब्ध कराया और आर्थिक मदद भी भेजी। गुरजंत को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।”
बिहार-नेपाल की खुली सीमा बनी खतरा
यह गिरफ्तारी बिहार-नेपाल की 729 किलोमीटर लंबी खुली सीमा की सुरक्षा कमजोरियों को उजागर करती है। इस मार्ग से जासूसी, आतंक, ड्रग्स तस्करी और घुसपैठ लंबे समय से होती रही है। आईएसआई इस सीमा को सॉफ्ट टारगेट मानती है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं आतंकी
इसी मार्ग से इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी यासीन भटकल भी गिरफ्तार किया गया था। रक्सौल और यूपी का सोनौली बॉर्डर लंबे समय से हाई अलर्ट ज़ोन माने जाते हैं।
ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब भेजा गया आरोपी
पकड़े गए आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब लाया गया है। एजेंसियों को आशंका है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

