विजय दिवस पर वीर शहीदों को नमन, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने युद्ध स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि
हल्द्वानी।
1971 के भारत–पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति को समर्पित विजय दिवस के अवसर पर जनपद नैनीताल के हल्द्वानी स्थित युद्ध स्मारक में श्रद्धा और सम्मान के साथ समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने युद्ध स्मारक पहुंचकर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया तथा पुलिस सम्मान गार्द द्वारा शोक सलामी दी गई।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने अपने संबोधन में कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम, अटूट समर्पण और साहस की पराकाष्ठा का प्रतीक है। वर्ष 1971 में आज ही के दिन देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर न केवल दुश्मन के मंसूबों को ध्वस्त किया, बल्कि तिरंगे को गौरव के साथ लहराया। इस ऐतिहासिक विजय के परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान स्वतंत्र होकर बांग्लादेश के रूप में विश्व मानचित्र पर उभरा, जो भारत के सैन्य शौर्य और मानवीय मूल्यों की मिसाल है।
उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात डिफेंस फोर्सेज का योगदान राष्ट्र के लिए अमूल्य है, जिनकी सतत मेहनत और बलिदान से देशवासी सुरक्षित हैं। प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वह वीर शहीदों के त्याग से प्रेरणा लेते हुए नियमों का पालन करे और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे, जिससे देश की प्रगति और उन्नति सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम 1971 भारत–पाक युद्ध में शहीद सैनिकों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया गया। इसके पश्चात दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही वीरांगनाओं एवं शहीद सैनिकों के आश्रितों को शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस गरिमामय अवसर पर शहीद सैनिक आश्रितों सहित श्री भगत सिंह कोश्यारी (पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड), महापौर हल्द्वानी-काठगोदाम, जिलाधिकारी नैनीताल, नगर आयुक्त, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, गौरव सेनानी तथा उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरा कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और शौर्य की भावना से ओतप्रोत रहा, जहां उपस्थित जनसमूह ने वीर शहीदों को नमन कर उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया।

