ढेला जंगल में वृद्धा पर हमला करने वाले बाघ की तलाश जारी, हाथियों और रेस्क्यू टीम ने चलाया अभियान, कल भी जारी रहे हाथी द्वारा अभियान
रामनगर।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला वन क्षेत्र में वृद्धा पर हमला कर जान लेने वाले बाघ की तलाश तेज कर दी गई है। बाघ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम, लगभग 30 वनकर्मी, हथिनी कपिला और नर हाथी तुंगा को अभियान में लगाया गया है।
शनिवार को पहले दिन बाघ की तलाश में करीब छह किलोमीटर तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन हमलावर बाघ का कोई सुराग नहीं मिल सका। घने जंगल, नदी-नालों और झाड़ियों में दोनों हाथियों की मदद से गहन खोज की गई, हालांकि बाघ नजर नहीं आया। शाम करीब पांच बजे रेस्क्यू अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ढेला वन क्षेत्र के सांवल्दे पश्चिमी गांव निवासी वृद्धा सुखिया देवी पर बाघ ने उस समय हमला कर दिया था, जब वह जंगल में लकड़ी बीनने गई थीं। करीब एक किलोमीटर दूर उनका शव बरामद हुआ था। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था, जिसे अधिकारियों द्वारा बाघ को पकड़ने का आश्वासन दिए जाने के बाद खोला गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला ने बताया कि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से बाघ को पकड़ने की अनुमति प्राप्त कर ली गई है। घटना स्थल पर रात में ही पिंजरा लगाया गया था। पिंजरे में मांस के साथ मृतक वृद्धा के खून से सने कपड़े भी रखे गए हैं, ताकि बाघ गंध के आधार पर पिंजरे तक पहुंचे और कैद किया जा सके।
रेस्क्यू अभियान के लिए पश्चिमी वृत्त के पशु चिकित्साधिकारी को ट्रैंकुलाइज गन के साथ मौके पर बुलाया गया है। एक हाथी पर पशु चिकित्सक टीम के साथ तैनात रहे, जबकि दूसरे हाथी पर सशस्त्र वनकर्मी मौजूद रहे।
कालागढ़ के एसडीओ अमित ग्वासाकोटी ने बताया कि बाघ की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान अब रविवार को दोबारा चलाया जाएगा।

