सेना की वर्दी पर दाग:- CBI ने रिश्वत लेते लेफ्टिनेंट कर्नल को दबोचा, घर से 2.23 करोड़ नकद बरामद पत्नी के खिलाफ F I R दर्ज
नई दिल्ली।
सेना में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की भ्रष्टाचार में संलिप्तता एक बार फिर उजागर हुई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
CBI की इस सनसनीखेज कार्रवाई के दौरान दिल्ली स्थित आवास से 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए, जबकि राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित कर्नल काजल बाली के घर से 10 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। इतनी भारी नकदी ने रक्षा सौदों में गहरे भ्रष्टाचार की आशंकाओं को और पुख्ता कर दिया है।
कर्नल काजल बाली वर्तमान में 16 इन्फैंट्री डिविजन ऑर्डनेंस यूनिट, श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं।
CBI के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों के साथ अवैध लेन-देन और सौदेबाजी में सक्रिय रूप से शामिल थे।
जांच में खुलासा हुआ है कि बेंगलुरु की एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि राजीव यादव और रंजीत सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के संपर्क में थे। 18 दिसंबर को कंपनी की ओर से विनोद कुमार ने तीन लाख रुपये की रिश्वत दी, तभी CBI ने जाल बिछाकर शर्मा को धर दबोचा। रिश्वत देने वाले विनोद कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर तक CBI रिमांड पर भेज दिया गया है।
CBI अब इस पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क, इसमें शामिल अन्य सैन्य अधिकारियों, बिचौलियों और निजी कंपनियों की गहन जांच में जुट गई है।
यह मामला न केवल रक्षा तंत्र की साख पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें अब सबसे संवेदनशील विभागों तक पहुंच चुकी हैं।

