नैनीताल में तेंदुओं की दहशत – रामगढ़ से जंगलियागांव तक दहशत का साया, घरों के पास घूम रहे खूंखार शिकारी
भवाली/पहाड़पानी (नैनीताल)। भीमताल, धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ क्षेत्र में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मंगलवार तड़के रामगढ़ के झूतिया गांव में सुबह करीब 3 बजे तेंदुआ घरों के पास मंडराता दिखाई दिया, जिससे लोग सहम गए।
समाजसेवी देवेंद्र मेर ने बताया कि तेंदुआ पिछले कई दिनों से आबादी के आसपास घूम रहा है। कुछ दिन पहले एक साथ तीन तेंदुओं को क्षेत्र में देखा गया था, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चे व बुजुर्ग खासतौर पर भयभीत हैं।
इधर धारी ब्लॉक के दीनी तल्ली के तोक हाटमुगरों में भी तेंदुए के दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले घरों से बाहर न निकलें और सतर्कता बरतें। वन विभाग की टीम क्षेत्र में नजर बनाए हुए है।
जंगलियागांव में पालतू कुत्ते पर झपटा तेंदुआ
भीमताल (नैनीताल)। ग्राम पंचायत जंगलियागांव के तोक नौली और शिमाला में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे तेंदुए ने एक पालतू कुत्ते पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले के बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को जंगल की ओर भगाया।
घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह पोखरिया ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व बाघ के हमले में तीन महिलाओं की जान जा चुकी है, जिससे लोग पहले से ही दहशत में हैं।
ग्राम प्रधान राधा कुल्याल ने वन विभाग को सूचना देकर गांव में पिंजरा लगाने और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।
फिलहाल क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता ने ग्रामीण जीवन को प्रभावित कर दिया है और लोग सुरक्षा के ठोस इंतजाम की मांग कर रहे हैं।

