उत्तराखंड दो शादियों के जाल में फंसा शिक्षिका का पति, गुलदार हमले का नाटक कर पहुंच गया दिल्ली-रचा ड्रामा†
रानीखेत। जिस शिक्षिका के पति के अपहरण और गुलदार द्वारा शिकार किए जाने की आशंका में पुलिस और वन विभाग जंगल-जंगल भटक रहा था, वह पूरी तरह सुरक्षित दिल्ली में मौज कर रहा था। दो पत्नियों के बीच फंसे मनोज कुमार ने ऐसा ड्रामा रचा कि पूरा प्रशासन हिल गया।
मनोज ने न केवल अपने परिजनों को गुमराह किया, बल्कि पुलिस को भी लंबे समय तक उलझाए रखा। नैनीताल में साक्षात्कार का बहाना बनाकर घर से निकला मनोज शाम को पन्याली जंगल पहुंचा और जानबूझकर अपनी स्कूटी सड़क से नीचे गिरा दी। यह वही इलाका है, जहां अक्सर गुलदार की आवाजाही रहती है।
स्कूटी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और वन विभाग ने गुलदार हमले की आशंका में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। डॉग स्क्वायड लगाए गए, सीसीटीवी खंगाले गए, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी की परतें खुलती गईं। पता चला कि मनोज नैनीताल गया ही नहीं था। वह पहले से तय योजना के तहत अपने दोस्तों के साथ कार में बैठकर दिल्ली चला गया। मोबाइल फोन बंद कर लिया और बार-बार ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस या परिवार तक न पहुंच सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मनोज की परेशानी की जड़ उसकी दो शादियां थीं। वर्ष 2019 में उसने परिवार से छिपाकर एक मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह किया। इसके एक माह बाद परिजनों ने उसकी दूसरी शादी पूरी रस्मों के साथ एक शिक्षिका से करा दी। दोनों पत्नियों से उसके एक-एक बच्चे भी हैं। यही झूठ और जिम्मेदारियां उसे मानसिक तनाव में ले गईं।
सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और दक्षिण दिल्ली के बिजवासन क्षेत्र से मनोज को दबोच लिया। पूछताछ में उसने पूरा सच उगल दिया।
कोतवाल अशोक धनकड़ ने बताया कि मनोज को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। अब आगे का फैसला परिवार करेगा कि वह किस पत्नी को अपनाएगा।

