सीएम धामी ने 1971 के 248 वीर बलिदानियों को किया श्रद्धासुमन अर्पित, शहीदों के आश्रितों को 10 से बढ़ाकर 50 लाख, परमवीर चक्र विजेताओं को 1.50 करोड़, अशोक चक्र 50 लाख

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सीएम धामी ने 1971 के 248 वीर बलिदानियों को किया श्रद्धासुमन अर्पित, शहीदों के आश्रितों को 10 से बढ़ाकर 50 लाख, परमवीर चक्र विजेताओं को 1.50 करोड़, अशोक चक्र 50 लाख पूरी खबर पढे ।
देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर 1971 के भारत–पाक युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के माध्यम से राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। भारतीय सेना की यह गौरवगाथा इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए, जबकि राज्य के 74 सैनिकों को उनके अद्वितीय शौर्य के लिए वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा प्रदेश है, जहां लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना से जुड़ा हुआ है।

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारतीय सेना को अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेशी हथियारों से सुसज्जित किया गया है। भारत अब रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से यह सिद्ध हुआ कि आकाश मिसाइल, ब्रह्मोस और अन्य स्वदेशी रक्षा प्रणालियाँ विश्वस्तरीय हैं। यह नया भारत है, जो दुश्मन की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हित में वन रैंक वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। साथ ही परमवीर चक्र से लेकर अन्य सभी वीरता पुरस्कारों पर मिलने वाली एकमुश्त एवं वार्षिकी राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेताओं को अब 1.50 करोड़ रुपये, अशोक चक्र को 50 लाख रुपये तथा अन्य वीरता पुरस्कारों की राशि भी बढ़ाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आवेदन की अवधि को 5 वर्ष करने, नौकरी पूर्व प्रशिक्षण, पुत्री विवाह अनुदान, निःशुल्क बस यात्रा, स्टाम्प ड्यूटी में छूट तथा देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम के निर्माण जैसे निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध में लगभग 4 हजार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड के 248 जवान शामिल थे। उन्होंने कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हर देशवासी का कर्तव्य है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर उनके कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम में विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल, पूर्व सैनिक एवं वीरांगनाएं उपस्थित रहीं।

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