उत्तराखंड एसटीएफ ने राष्ट्रीय साइबर गिरोह का किया पर्दाफाश, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार बुजुर्ग से 68 लाख की ठगी उजागर
देहरादून।
उत्तराखंड एसटीएफ ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक रूप से आतंकित कर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एसटीएफ ने राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान भभूताराम (32) निवासी चौहटन, जिला बाड़मेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। आरोपी पर आरोप है कि उसने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर 85 वर्षीय बुजुर्ग को आधार कार्ड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर पीड़ित से करीब 68 लाख रुपये की ठगी की गई
तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना सहायक पुलिस अधीक्षक कुश मिश्रा (आईपीएस) के पर्यवेक्षण में निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।
जांच के दौरान ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी, उनका गहन तकनीकी विश्लेषण किया गया। इस दौरान AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक खाते का सुराग मिला, जो सीधे आरोपी भभूताराम से जुड़ा पाया गया।
बाड़मेर से गिरफ्तारी, मोबाइल और सिम बरामद
एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस और मुखबिर तंत्र के सहयोग से राजस्थान के बाड़मेर जिले में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों और पूरे साइबर गिरोह की तलाश जारी है। ठगी से जुड़े और भी बैंक खातों व डिजिटल लेन-देन की जांच की जा रही है।

