उत्तराखंड नकली दवा का खिलाड़ी दबोचा -फर्जी लेबल और पैकिंग सप्लाई कर बाजार में सप्लाई , अब तक 13 आरोपी जेल में

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जीवनरक्षक दवाओं की नकल का भंडाफोड़, नकली दवा नेटवर्क का एक और खिलाड़ी दबोचा

फर्जी लेबल और पैकिंग सप्लाई कर बाजार में खपाता था दवाएं, एसटीएफ की कार्रवाई में 13 आरोपी जेल भेजे गए

देहरादून। उत्तराखंड में नकली दवाओं के संगठित कारोबार पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के अहम सदस्य मोहन वैद्य उर्फ मोंटी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि वह ब्रांडेड कंपनियों की दवाओं के फर्जी लेबल और पैकिंग सामग्री उपलब्ध कराकर नकली दवाओं को असली बताकर बाजार में सप्लाई करता था।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह मामला बीते वर्ष 1 जून 2025 को उजागर हुआ था, जब थाना सेलाकुई क्षेत्र से भारी मात्रा में नकली दवाओं के रैपर, आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड के साथ संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए केस की विवेचना एसटीएफ को सौंप दी गई।
गहन जांच में सामने आया कि संतोष कुमार नकली लेबल तैयार करता था, जिन्हें आगे मोहन वैद्य उर्फ मोंटी को दिया जाता था। मोहन इन लेबलों को नकली दवाओं के बॉक्स पर चिपकाकर उन्हें विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करता था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी संगठित गिरोह के तहत लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था।
एसटीएफ ने मैनुअल पुलिसिंग और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया। अब तक इस नकली दवा नेटवर्क से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि डीजीपी के निर्देश पर नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। जीवनरक्षक दवाओं की नकल कर आम लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपी के अन्य राज्यों से जुड़े संपर्कों की भी जांच जारी है।

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