भीमताल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी के मार्गदर्शन में एच.जी. डिग्री कॉलेज भीमताल में महिला सशक्तिकरण विषय पर पॉश एक्ट (कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013) तथा साइबर सुरक्षा संबंधी विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सिविल जज (सीडी) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल थपलियाल ने किया।
शिविर में छात्र-छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया गया कि पॉश अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण प्रदान करने हेतु बनाया गया महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है। पीड़िता घटना के तीन माह के भीतर लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है, जबकि छोटे संस्थानों के मामलों में स्थानीय समिति के समक्ष शिकायत की जा सकती है। शारीरिक संपर्क, यौन संबंध की मांग, अभद्र टिप्पणी, अश्लील सामग्री दिखाना या किसी भी प्रकार का अवांछित व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। आरोप सिद्ध होने पर सेवा नियमों के अनुसार आरोपी के खिलाफ चेतावनी, माफी या नौकरी से निष्कासन तक की कार्रवाई संभव है।
इस दौरान घरेलू हिंसा अधिनियम और महिला सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी गई। सब-इंस्पेक्टर गुरविंदर कौर ने साइबर अपराधों पर जागरूक करते हुए बताया कि इंटरनेट, कंप्यूटर या नेटवर्क के माध्यम से होने वाले अपराध—जैसे डेटा चोरी, ऑनलाइन ठगी और हैकिंग—की शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पोर्टल पर की जा सकती है। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के व्यावहारिक उपाय भी साझा किए।
कार्यक्रम में डॉ. मंजु नेगी, यशवंत कुमार सहित कॉलेज के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

