रिश्तों की कड़वाहट बनी हत्या की वजह, 32 वर्षीय प्रति रावत की गोली मारकर निर्मम हत्या 36 घंटे में आरोपी सुरेश गिरफ्तार – पूरा मामला खबर में
ऋषिकेश।
शिवाजी नगर की एक शांत गली शनिवार रात गोलियों की आवाज से दहल उठी। घर के भीतर फर्श पर लहूलुहान पड़ी थी 32 वर्षीय प्रीति रावत—एम्स ऋषिकेश में कार्यरत एक अटेंडेंट, जो अपने सपनों और संघर्षों के साथ अकेले जीवन बिता रही थी। कुछ ही देर में अस्पताल पहुंचाई गई प्रीति को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे कोई अजनबी नहीं, बल्कि प्रीति के जीवन से जुड़ा एक जाना-पहचाना चेहरा था—सुरेश गुप्ता (40)। आरोप है कि सुरेश ने जालीदार दरवाजे के पास से प्रीति के सीने में गोली मारी और मौके से फरार हो गया।
पिता की चेतावनी, जो सच साबित हुई
मृतका के पिता बच्चन सिंह रावत ने पुलिस को बताया कि सुरेश पिछले तीन वर्षों से प्रीति पर शादी का दबाव बना रहा था। मना करने पर धमकियां दी जाती थीं। घटना से कुछ समय पहले ही सुरेश ने उन्हें फोन कर चेतावनी दी थी—जिसे उस वक्त गंभीरता से नहीं लिया जा सका।
तनाव, दबाव और बढ़ता विवाद
पड़ोसियों और परिजनों के अनुसार, प्रीति और सुरेश के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी ने विवाह की मंशा से अपनी पत्नी से तलाक लिया और लक्सर स्थित पैतृक संपत्ति भी बेच दी थी। लेकिन ऋषिकेश में मकान न मिल पाने और लगातार बढ़ते तनाव के चलते दोनों के संबंध और अधिक बिगड़ते चले गए।
पुलिस की तेज कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। तकनीकी साक्ष्यों और इनपुट के आधार पर पुलिस ने 36 घंटे के भीतर आरोपी को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली ऋषिकेश में आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

