चारधाम यात्रा 2026 – केदारनाथ–बद्रीनाथ हेलिकॉप्टर सेवा होगी पहले से ज्यादा सुरक्षित, DGCA–UCADA ने तैयार किया नया सेफ्टी ब्लूप्रिंट
देहरादून।
देवभूमि उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए हेलिकॉप्टर यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होने जा रही है। वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान हुए 5 हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मिलकर सुरक्षा का एक नया ‘सेफ्टी ब्लूप्रिंट’ तैयार किया है।
UCADA के सीईओ व आईएएस अधिकारी आशीष चौहान के अनुसार, इस ब्लूप्रिंट में 5 बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे हादसों की संभावना को न्यूनतम करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
1. पहली बार तय होंगे फिक्स्ड कॉप्टर रूट्स
अब तक घाटियों में विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत पायलट मौसम और स्थिति के अनुसार उड़ान भरते थे। अब पहली बार घाटियों के लिए फिक्स्ड कॉप्टर रूट्स तय किए जाएंगे।
इन वर्चुअल रूट्स के जरिए पायलटों को तय ऊंचाई और दिशा में ही उड़ान भरनी होगी, जिससे हवा में ट्रैफिक टकराव और मानवीय चूक की संभावना बेहद कम हो जाएगी। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने सर्वे शुरू कर दिया है।
2. 10 सेकेंड में लोकेशन बताने वाली लाइव ट्रैकिंग
अब तक हेलिकॉप्टरों की ट्रैकिंग में 2 से 5 मिनट का अंतर रहता था, जो पहाड़ी क्षेत्रों में खतरनाक साबित होता है।
अब हर हेलिकॉप्टर में 4G आधारित लाइव ट्रैकिंग डिवाइस लगाने का प्रस्ताव है, जो हर 10 सेकेंड में लोकेशन अपडेट देगी।
सीईओ आशीष चौहान के अनुसार,
“अगर DGCA से अनुमति मिलती है, तो उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जहां हेलिकॉप्टरों में इतनी सटीक रियल-टाइम ट्रैकिंग लागू होगी।”
3. केदारनाथ हेलिपैड का बदलेगा भूगोल
हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान रोटर से नीचे जाने वाली हवा यदि दीवार या खड़ी ढलान से टकराकर वापस ऊपर आती है, तो संतुलन बिगड़ सकता है।
इसी खतरे को देखते हुए केदारनाथ हेलिपैड के आसपास की ढलानों को सुधारा जा रहा है, ताकि हवा का बहाव स्मूथ रहे। इसके साथ ही बद्रीनाथ हेलिपैड का विस्तार भी किया जा रहा है।
4. पोर्टेबल ATC टावर और एयरफोर्स की तर्ज पर निगरानी
पर्वतीय क्षेत्रों में बदलते मौसम की सटीक निगरानी के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, सिरसी और झालड़ा में 5 नए वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
यहां पोर्टेबल एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर लगाए जाएंगे, जो हल्के और मूवेबल होंगे।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के नॉर्दन एरिया कंट्रोल सेंटर की तर्ज पर एयरफोर्स के रडार सिस्टम से भी निगरानी की तैयारी की जा रही है, ताकि हर उड़ने वाली गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
5. वजन के नाम पर वसूली नहीं, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ के लिए सख्त पॉलिसी बनाई जाएगी।
वजन तोलने से लेकर बोर्डिंग तक पूरी प्रक्रिया कैमरे की निगरानी में होगी
यात्रियों को परेशान करने पर ऑपरेटर का टेंडर रद्द किया जा सकता है
इसके साथ ही सहस्त्रधारा हेलिपैड और केदारनाथ बेस कैंप सहित प्रमुख हेलिपैडों पर पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग (PTB) बनाई जा रही हैं, जहां एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा जांच और वेटिंग एरिया की सुविधा मिलेगी।
किराया नहीं बढ़ेगा, IRCTC से ही होगी बुकिंग
UCADA ने स्पष्ट किया है कि हेलिकॉप्टर किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं है।
यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग पहले की तरह IRCTC के माध्यम से ही की जाएगी।
‘यात्री की जान से बढ़कर कोई मुनाफा नहीं’
UCADA के सीईओ आशीष चौहान ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “यात्री की जान से बढ़कर कोई मुनाफा नहीं है।”

