देहरादून में अपराधी  हुऐ बेलगाम – 16 दिनों में 5 हत्याओं से दहशत, पुलिस की सक्रियता के दावों के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद

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देहरादून में अपराधी  हुऐ बेलगाम – 16 दिनों में 5 हत्याओं से दहशत, पुलिस की सक्रियता के दावों के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद

 

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार हो रही हत्या की वारदातों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मात्र 16 दिनों के भीतर अलग-अलग इलाकों में पांच सनसनीखेज हत्याएं सामने आने से आम लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस की सक्रियता के दावों के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।

घटनाओं की सिलसिलेवार तस्वीर
29 जनवरी – विकासनगर

18 वर्षीय 12वीं की छात्रा मनीषा तोमर की हत्या कर दी गई। आरोपी उसका चचेरा भाई ही निकला, जो दवा दिलाने के बहाने उसे घर से ले गया था।

31 जनवरी – ऋषिकेश

एक महिला को घर में घुसकर गोली मार दी गई। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। बताया गया कि दोनों अपने-अपने जीवनसाथियों से तलाक ले चुके थे और आपसी विवाद की आशंका जताई गई।

02 फरवरी – पलटन बाजार

भीड़भाड़ वाले बाजार में 23 वर्षीय युवती गुंजन की गला काटकर हत्या कर दी गई। घटना से व्यापारियों में भारी रोष फैल गया और बाजार बंद कर विरोध जताया गया।

11 फरवरी – तिब्बती मार्केट

42 वर्षीय गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह शहीद कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र थे। इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया।

13 फरवरी – सिल्वर सिटी मॉल

तीन हमलावरों ने मॉल के अंदर घुसकर एक युवक को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना शहर के सबसे व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक में हुई।

लोगों में डर, प्रशासन पर दबाव

लगातार हो रही इन हत्याओं से शहर में दहशत का माहौल है। नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि राजधानी में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है और पुलिस गश्त तथा निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी मामलों में भी टीमें लगातार जांच कर रही हैं।

कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने कम समय में अलग-अलग स्थानों पर हुई पांच हत्याएं संकेत देती हैं कि अपराधियों में कानून का डर कम हो रहा है। ऐसे में पुलिस को न केवल त्वरित कार्रवाई बल्कि अपराध रोकथाम के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी।

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