विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर उभरा गहरा असंतोष कार्यक्षैली पर उठे सवाल, क्षेत्रवासियों की बढ़ी मुश्किलें — रामनगर टैक्स बार ने जताई कड़ी आपत्ति

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विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर उभरा गहरा असंतोष
कार्यक्षैली पर उठे सवाल, क्षेत्रवासियों की बढ़ी मुश्किलें — रामनगर टैक्स बार ने जताई कड़ी आपत्ति

रामनगर। क्षेत्र में विकास प्राधिकरण द्वारा लगातार जारी किए जा रहे नोटिसों और नक्शा पास कराने की जटिल प्रक्रिया को लेकर रामनगर टैक्स बार ने शनिवार को एक निजी रिसॉर्ट में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में टैक्स बार के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान टैक्स बार अध्यक्ष पूरन पाण्डेय को ग्रामीणों ने बताया कि विकास प्राधिकरण की मौजूदा कार्रवाई से आम जनता गहरे मानसिक तनाव में है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे अपने निजी आवासों एवं गौशालाओं का निर्माण कर रहे हैं, इसके बावजूद प्राधिकरण की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराज़गी और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

टैक्स बार के उपसचिव मनु अग्रवाल ने कहा कि विकास प्राधिकरण की वर्तमान कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। ग्रामीण वर्षों से अपनी पारंपरिक आवश्यकताओं के अनुरूप सीमित स्तर पर निर्माण करते आए हैं, लेकिन अब हर निर्माण को व्यावसायिक मानते हुए नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जो न तो न्यायसंगत है और न ही जनहित में।

टैक्स बार सचिव गौरव गोला ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई व्यक्ति होटल, रिज़ॉर्ट अथवा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण करता है तो नक्शा पास कराना पूरी तरह नियमसम्मत है, लेकिन निजी आवासों, गौशालाओं एवं छोटे घरेलू निर्माणों पर कार्रवाई करना अव्यवहारिक है और आम जनता के साथ नाइंसाफी है।

टैक्स बार उपाध्यक्ष फिरोज अंसारी ने भी प्राधिकरण की नीति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ग्रामीण पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में नोटिस भेजकर उन्हें परेशान करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

बैठक में टैक्स बार सदस्यों बलविंदर कोहली एवं विशाल रस्तोगी ने बताया कि यह निर्णय लिया गया है कि टैक्स बार का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही कुमाऊं कमिश्नर से मुलाकात कर विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली से उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराएगा। प्रतिनिधिमंडल यह मांग भी रखेगा कि ग्रामीणों के निजी आवासों और गौशालाओं को व्यावसायिक निर्माण की श्रेणी में न रखा जाए।

वहीं टैक्स बार सदस्यों मनोज बिष्ट, भोपाल रावत एवं विशाल रस्तोगी ने कहा कि टैक्स बार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस अनावश्यक परेशानी से निजात दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और इस मुद्दे को उच्च स्तर पर

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