लालकुआं। नगर पंचायत कार्यालय में कथित अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने बोर्ड सदस्यों के साथ प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे न केवल सरकारी व्यवस्था पर हमला बताया, बल्कि अपनी छवि धूमिल करने की साजिश भी करार दिया।
अध्यक्ष लोटनी ने आरोप लगाया कि आजाद नगर वार्ड नंबर-4 निवासी कुछ व्यक्तियों द्वारा नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया, अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कार्यालय की मर्यादा बनाए रखने और अनुशासन का पालन करने की बात कही तो संबंधित लोगों ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
घटना के बाद मामले की सूचना तत्काल कोतवाली लालकुआं को दी गई, जहां पुलिस हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। अध्यक्ष ने कहा कि मामला शांत होने के बावजूद संबंधित व्यक्तियों द्वारा बाद में मुख्य बाजार में भी उपद्रव, मारपीट और गाली-गलौज किए जाने की जानकारी मिली।
सुरेंद्र सिंह लोटनी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सार्वजनिक छवि खराब करने और नगर पंचायत के सम्मानित सदस्यों को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी वे और समस्त बोर्ड सदस्य घोर निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि नगर पंचायत जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा पर सीधा प्रहार है।
अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी कार्यालय में अराजकता, अभद्रता और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी संस्थानों की गरिमा से खिलवाड़ करने का दुस्साहस न कर सके।
प्रेस वार्ता के दौरान सभासद धन सिंह बिष्ट, योगेश उपाध्याय, भुवन पांडे सहित पूर्व सभासद हेमंत पांडे और कुंदन आर्या ने भी घटना की निंदा करते हुए अध्यक्ष के पक्ष में एकजुटता दिखाई और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

