हल्द्वानी में बीते पांच दिन पूर्व सर्राफा कारोबारी की दुकान से 1.25 करोड़ की चोरी
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संगठित गिरोह की आशंका, चार आरोपी चिह्नित, 20 संदिग्ध हिरासत में
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हल्द्वानी।
बीती शुक्रवार देर रात शहर के कालाढूंगी रोड स्थित राधिका ज्वेलर्स शोरूम से शुक्रवार रात करीब सवा करोड़ रुपये के जेवरात चोरी होने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। चोरी के बाद आरोपी टैक्सी के माध्यम से मुरादाबाद फरार हो गए, जहां उनकी अंतिम लोकेशन ट्रेस की गई है।
मुरादाबाद में मिली आखिरी लोकेशन, कई राज्यों में दबिश
पुलिस के अनुसार आरोपी सूर्योदय से पहले ही मुरादाबाद पहुंच गए थे। सीसीटीवी और सर्विलांस जांच में उनकी लोकेशन मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के आसपास मिली है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें मुरादाबाद, बिजनौर, पीलीभीत और नेपाल सीमा पर दबिश दे रही हैं।
*बगल की दुकान से दीवार काटकर दिया वारदात को अंजाम*
चोरों ने ज्वेलर्स शोरूम से सटी दुकान की दीवार काटकर भीतर प्रवेश किया। पीड़ित कारोबारी नवनीत शर्मा ने बगल की दुकान किराये पर लेने वाले व्यक्ति और देर रात तक वहां फर्नीचर का काम करने वालों पर शक जताया है। ये सभी घटना के बाद से फरार हैं।
*चार आरोपी चिह्नित, 20 संदिग्धों से पूछताछ*
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि चार आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जबकि पूछताछ के लिए 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। चोरी में इस्तेमाल किए गए ऑटो चालक और दुकान मालिक को भी पूछताछ के लिए पकड़ा गया है।
*झारखंड या नेपाल गिरोह की भूमिका की आशंका*
पुलिस को आशंका है कि वारदात को झारखंड या नेपाल के किसी पेशेवर गिरोह ने अंजाम दिया है। एसएसपी के अनुसार इतनी सुनियोजित चोरी लंबी रैकी और प्लानिंग के बिना संभव नहीं। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, जिसमें एसओजी सहित 30 से अधिक पुलिसकर्मी लगे हैं।
*स्वर्णकार एसोसिएशन ने जताई चिंता*
घटना के बाद स्वर्णकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसएसपी से मुलाकात कर व्यापारियों की सुरक्षा पर चिंता जताई। एसोसिएशन की मांग पर पटेल चौक में 24 घंटे पुलिस तैनाती और पुलिस कैंप स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
*करोड़ों की दुकान का बीमा नहीं*
जांच के दौरान सामने आया कि पीड़ित कारोबारी की दुकान का कोई बीमा नहीं कराया गया था। एसएसपी ने सभी व्यापारियों से अनिवार्य रूप से इंश्योरेंस कराने की अपील की है।
*सत्यापन अभियान पर उठे सवाल*
पुलिस का सत्यापन अभियान केवल कुछ इलाकों तक सीमित रहा, जिसका लाभ अपराधियों ने उठाया। अब तक 11 हजार लोगों का सत्यापन किया जा चुका है, लेकिन पूरे शहर में अभियान नहीं चल पाया।

