गौला रेंज के 60 कर्मियों की टीम ने , 20 मिनट में आग पर पाया काबू गोरापड़ाव फायर क्रू स्टेशन पर सफल वनाग्नि नियंत्रण आग बुझाने के दौरान घायल हुए फायर वॉचर को 108 एंबुलेंस की सहायता से उपचार

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60 कर्मियों की टीम ने , 20 मिनट में आग पर पाया काबू
गोरापड़ाव फायर क्रू स्टेशन पर सफल वनाग्नि नियंत्रण

आग बुझाने के दौरान घायल हुए फायर वॉचर को 108 एंबुलेंस की सहायता से उपचार

 

हल्द्वानी। तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत गौला रेंज स्थित गोरापड़ाव फायर क्रू स्टेशन में आगामी वनाग्नि सीजन को देखते हुए वनाग्नि नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लेने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बांगरी के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के करीब 60 अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया और आपदा की स्थिति में समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल की शुरुआत विस्तृत ब्रीफिंग से हुई, जिसमें अधिकारियों ने वनाग्नि की सूचना मिलने पर त्वरित प्रतिक्रिया, लोकेशन ट्रैकिंग प्रणाली, सुरक्षा मानकों और विभागवार जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। निर्धारित समय पर फायर अलर्ट मिलते ही टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और लगभग 20 मिनट के भीतर आग पर नियंत्रण पाने का सफल प्रदर्शन किया गया।
अभ्यास के दौरान कंट्रोल लाइन निर्माण, फायर बीटिंग, ज्वलनशील सामग्री हटाने, ब्लोअर मशीन और बैकपैक वाटर स्प्रेयर जैसे उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया। साथ ही एक काल्पनिक स्थिति बनाकर आग बुझाने के दौरान घायल हुए फायर वॉचर को 108 एंबुलेंस की सहायता से सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई, जिससे आपातकालीन समन्वय की दक्षता का परीक्षण हुआ।
इस मॉक ड्रिल में वन विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस, चिकित्सा विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्राम प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी विभाग अपने-अपने उपकरणों और संसाधनों के साथ मौके पर मौजूद रहे, जिससे वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति तैयार की जा सकी।
अंत में डिब्रीफिंग सत्र आयोजित कर अभ्यास की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास से वनाग्नि सीजन से पहले तैयारियों को और मजबूत बनाया जा सकता है तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। कार्यक्रम में भा.व.से. प्रशिक्षु सुश्री सिरीन संजय पंडित सहित कई वन अधिकारी मौजूद रहे,

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