हल्द्वानी शहर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब राजकीय मेडिकल कॉलेज की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। कुमाऊं के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज को निशाना बनाकर भेजे गए इस ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गोविंद सिंह तितियाल ने बताया कि जैसे ही धमकी भरे ई-मेल की जानकारी मिली, तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल और सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को दे दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने एहतियातन सभी शैक्षणिक गतिविधियां तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दीं। एमबीबीएस से लेकर एमडी और एमएस तक की कक्षाएं बंद कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) की टीमें मौके पर पहुंचीं। सबसे पहले सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर की गहन तलाशी ली गई, इसके बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में भी सघन जांच अभियान शुरू किया गया। छात्रावास, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी और मुख्य भवन सहित सभी संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है।
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक सुरक्षा एजेंसियां परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर देतीं, तब तक नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से परिसर में न आने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पुलिस की साइबर सेल टीम ई-मेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में इसे शरारत या सनसनी फैलाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है, हालांकि प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
गौरतलब है कि 19 फरवरी को नैनीताल हाईकोर्ट सहित देहरादून, नैनीताल, चंपावत, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा की जिला अदालतों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। लगातार मिल रही इन धमकियों के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं।
स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की शैक्षणिक गतिविधियों पर निर्णय लिया जाएगा।

