लालकुआं (बिंदुखत्ता) – शादी की खुशियों से उठी अर्थी… पांच साल का मासूम और सवालों में घिरी उसकी मौत
लालकुआं शादी का घर था। ढोलक की थाप, हंसी की गूंज, रिश्तेदारों की चहल-पहल… सब कुछ सामान्य था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में यही घर मातम की खामोशी में डूब जाएगा।
बिंदुखत्ता निवासी परिवार अपने रिश्तेदार के विवाह में शामिल होने उत्तर प्रदेश के मऊ जिले गया था। 27 फरवरी की दोपहर करीब 12 बजे उनका पांच वर्षीय इकलौता बेटा अचानक सबकी नजरों से ओझल हो गया। पहले लगा — बच्चों की तरह कहीं खेल रहा होगा। लेकिन जैसे-जैसे मिनट बीतते गए, चिंता घबराहट में बदल गई।
करीब एक घंटे की तलाश के बाद घर से महज 80–100 मीटर दूर एक तालाब में जो दृश्य दिखा, उसने सब कुछ बदल दिया। पानी में तैरता मिला उस मासूम का निर्जीव शरीर।
परिजन उसे भागते हुए अस्पताल ले गए, पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शादी का घर शोक सभा में बदल चुका था।
अंतिम संस्कार से पहले उठे सवाल
परिजन शव को लेकर बिंदुखत्ता लौट आए। शनिवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। मां बार-बार बेटे के चेहरे को देख रही थी। तभी परिवार के कुछ सदस्यों की नजर बच्चे के शरीर पर मौजूद चोट के निशानों पर पड़ी।
यहीं से सवाल शुरू हुए।
क्या यह सिर्फ डूबने की घटना थी?
या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है?
परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लालकुआं पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। शव को कब्जे में लेकर हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया।
चूंकि घटना उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की है, इसलिए लालकुआं पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज यूपी पुलिस को सौंपे जाएंगे, जहां आगे की जांच होगी।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
एक घर का सन्नाटा
इकलौते बेटे को खो देने का दर्द शब्दों में नहीं समाया जा सकता।
जहां खिलौनों की आवाज गूंजती थी, वहां अब खामोशी है।
जहां छोटे कदमों की आहट थी, वहां अब सन्नाटा है।
माता-पिता की आंखों में बस एक ही सवाल है —
“हमारे बच्चे के साथ आखिर हुआ क्या?”
अब निगाहें जांच पर
परिवार ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से संयुक्त एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सच सामने आना चाहिए — चाहे वह कितना भी कड़वा क्यों न हो।
अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।
एक मासूम की असमय मौत ने न सिर्फ एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी, बल्कि कई अनुत्तरित सवाल भी छोड़ दिए हैं। सच क्या है — यह जांच के बाद ही सामने आएगा।

