इस वर्ष होली का पर्व बुधवार, 4 मार्च को मनाया जाएगा। परंपरा के अनुसार होली से एक दिन पूर्व होलिका दहन किया जाता है, लेकिन इस बार ग्रहण के कारण तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। ज्योतिषाचार्यों ने स्पष्ट किया है कि शास्त्रसम्मत रूप से होलिका दहन 2 मार्च को ही किया जाएगा।
ज्योतिषाचार्या मंजू जोशी के अनुसार 3 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि उपलब्ध नहीं रहेगी और उसी दिन चंद्रग्रहण भी लग रहा है। ग्रहण काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए उस दिन होलिका दहन करना उचित नहीं है।
ज्योतिषाचार्य त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि 3 मार्च को प्रदोष काल में पूर्णिमा का अभाव रहेगा तथा खग्रास चंद्रग्रहण के कारण शुभ मुहूर्त बाधित होगा। ऐसे में 2 मार्च को शाम 6:09 बजे से रात 8:39 बजे तक होलिका दहन का शुभ समय निर्धारित किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित शुभ मुहूर्त में ही होलिका दहन कर परंपराओं का पालन करें।

