छह दिन से लापता 10 वर्षीय बालक की नृशंस हत्या, कुकर्म के बाद प्राइवेट पार्ट्स उखाड़ने का आरोप, सरसों के खेत में मिला शव
बांदा।
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा जिले में छह दिन पहले घर से लापता हुए 10 वर्षीय बालक का शव शनिवार सुबह सरसों के खेत में पड़ा मिला। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
मामला बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। 10 वर्षीय बालक 2 फरवरी की शाम घर से बिना बताए निकल गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। नाते-रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार को बालक की मां ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
शनिवार सुबह गांव की महिलाएं खेतों की ओर गईं, जहां सरसों के खेत में बालक का शव पड़ा मिला। शव को सरसों के पत्तों से ढकने की कोशिश किए जाने के भी संकेत मिले हैं। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया।
मृतक की बड़ी बहन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई के साथ कुकर्म किया गया और इसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट्स उखाड़ कर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। बहन का यह भी आरोप है कि हत्या से पहले बालक को जहरीला पदार्थ खिलाया गया, जिससे उसका शरीर काला पड़ गया था। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विवेचना के बाद ही हो सकेगी।
मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसकी चार बहनें हैं। बालक के पिता हरियाणा में रहकर मजदूरी करते हैं। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
सीओ बबेरू सौरभ सिंह ने बताया कि बालक 2 फरवरी से लापता था। प्रारंभिक जांच में शव लगभग 48 घंटे पुराना प्रतीत हो रहा है। मामले के खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

