बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग, क्रमिक अनशन शुरू
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की अधिसूचना जारी करने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने शुक्रवार से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। शहीद स्मारक स्थल पर शुरू किए गए क्रमिक अनशन के पहले दिन आठ ग्रामीण धरने पर बैठे। आंदोलन को लेकर सुबह बिंदुखत्ता से लालकुआं तक निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित सभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने अनशन पर बैठने वाले ग्रामीणों का माल्यार्पण कर आंदोलन की शुरुआत कराई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके बावजूद मामला लंबित है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में जल्द अधिसूचना जारी करने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने गौला नदी से होने वाले बाढ़ और भू-कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए मजबूत तटबंध निर्माण तथा अशोक चक्र से सम्मानित शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से स्वीकृत स्टेडियम का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा अन्य लंबित मांगों के निराकरण पर भी जोर दिया गया।
वक्ताओं का कहना था कि बिंदुखत्ता के ग्रामीण लंबे समय से सड़क, सुरक्षा, बाढ़ एवं भू-कटाव सहित विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मांगों को लेकर कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने सरकार से ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने की मांग की।
सभा के बाद ग्रामीणों ने जुलूस के रूप में लालकुआं नगर का रुख किया। जुलूस रेलवे स्टेशन चौराहे तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद सभी वापस शहीद स्मारक स्थल पहुंचे और क्रमिक अनशन को आगे बढ़ाया।
पहले दिन अनशन पर बैठे: कुंदन सिंह मेहता, राजेंद्र सिंह चौहान, त्रिलोक सिंह मेहता, बीना जोशी, बिमला पाल, मीना कपिल, दीपा बिष्ट और उर्मिला धामी।
आंदोलन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रदीप सिंह बथ्याल, राजेंद्र सिंह खनवाल, पुष्कर सिंह दानू, गिरधर बम, गुरदयाल मेहरा, कैलाश पांडे, आनंद सिंह नेगी, शेखर जोशी, प्रमोद कॉलोनी, विजय सामंत, इंद्र सिंह पनेरी, हेमवती नंदन दुर्गापाल, एडवोकेट बालम बिष्ट, शंकर जोशी, किरन डालाकोटी, संध्या डालाकोटी, मुन्ना बिष्ट, रमेश कुमार, लक्ष्मण धपोला, पुष्कर दुबडिया, भुवन जोशी, बिशन दत्त जोशी, गोविंद दानू, विनोद बिष्ट, चंदन बोरा, फूला देवी और हेमा आर्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग, क्रमिक अनशन शुरू
