लालकुआँ। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकुआँ स्थित प्रतिष्ठित आईटीसी पेपर मिल में राष्ट्रप्रेम, एकता और कर्तव्य भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। मिल परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने तिरंगा फहराकर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। तिरंगा लहराते ही पूरा परिसर भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
इस भावुक क्षण में अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों के चेहरों पर देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान और गर्व साफ दिखाई दिया। ध्वजारोहण का यह दृश्य हर किसी को उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की याद दिला रहा था, जिनकी कुर्बानियों के कारण आज देशवासी स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए यूनिट हेड प्रणव शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने उन महान सपूतों को याद करने और उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि आजादी हमें अनमोल विरासत के रूप में मिली है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ केवल गुलामी से मुक्ति नहीं, बल्कि आपसी मतभेद और वैमनस्य भुलाकर एकजुट होकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना भी है। उन्होंने कर्मचारियों से कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्यसंस्कृति और बेहतर गुणवत्ता ही संस्थान की निरंतर प्रगति की मजबूत नींव हैं।
प्रणव शर्मा ने कहा कि आईटीसी समूह वर्षों से मेहनत, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का उदाहरण रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसी भावना के साथ संस्थान और राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में प्रबोध पात्रा, नरेश चन्द्रा, अविनाश जौहरी, संजय बाजपेयी, पंकज धूलिया सहित मिल के अधिकारी, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्र की एकता, संस्थान की प्रगति, सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
तिरंगे की शान, शहीदों का सम्मान और कर्मभूमि के प्रति कर्तव्य—आईटीसी पेपर मिल का 80वां स्वतंत्रता दिवस इन्हीं भावनाओं के साथ यादगार बन गया।




